बरेका में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने की पहल, निबंध, वाक एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिताओं में कर्मचारियों ने दिखाई प्रतिभा
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यालयीन कार्यों में इसके प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को हिंदी निबंध, वाक् तथा टिप्पण एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार तथा बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतियोगिताओं में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में हिंदी निबंध तथा हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने "जल संरक्षण- आवश्यकता एवं उपाय" तथा "वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य में भारतीय भाषाओं का महत्व" विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में कर्मचारियों ने हिंदी लेखन क्षमता, रचनात्मक सोच और विषय की गहरी समझ का परिचय दिया।
द्वितीय चरण में प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में हिंदी वाक् प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने "कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न आयाम" तथा "स्वास्थ्य एवं दैनिक अनुशासन" विषयों पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। प्रतियोगियों ने स्पष्ट उच्चारण, आत्मविश्वास और विषय की सारगर्भित प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया।
वाक् प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य सुभाष चन्द्र यादव, उप मुख्य विपणन प्रबंधक (विक्रय) अनूप मिश्रा तथा वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने निर्णायक के रूप में किया। बरेका प्रशासन के अनुसार क्षेत्रीय एवं अखिल रेल स्तर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में राजभाषा हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाना, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा लेखन एवं मौखिक अभिव्यक्ति कौशल को सशक्त बनाना है। इस तरह की गतिविधियां कर्मचारियों को हिंदी में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं।
प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय, वरिष्ठ अनुवादक विजय प्रताप सिंह तथा राजभाषा विभाग के अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बरेका प्रशासन ने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना करते हुए भविष्य में भी राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।