आपदा सेवा के संकल्प के साथ 11वीं एनडीआरएफ में मना स्वतंत्रता दिवस, कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने फहराया तिरंगा
वाराणसी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 11वीं वाहिनी, वाराणसी में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। वाहिनी परिसर में आयोजित समारोह में कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद अधिकारियों और जवानों ने राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी।
समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कार्मिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के साथ अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, समर्पण और तत्परता से निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों तथा राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
उत्कृष्ट बचावकर्मियों का हुआ सम्मान
समारोह में आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले एनडीआरएफ के बहादुर बचावकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की गई। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें महानिदेशक, एनडीआरएफ द्वारा प्रदान किए गए डिस्क एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर कार्मिकों में उत्साह देखने को मिला।
आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के मंत्र पर सेवा का आह्वान
अपने संबोधन में कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों को दोहराने का अवसर भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कार्मिकों से आह्वान किया कि आपदा की विषम परिस्थितियों में भी ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए पूरी तत्परता, साहस और समर्पण के साथ जनसेवा में जुटे रहें।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक या मानवजनित आपदा के समय आमजन के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा एनडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। समारोह के अंत में सभी कार्मिकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों की सहायता के लिए सदैव तैयार रहने का संकल्प दोहराया।