पुरुषोत्तम मास में सेवा और श्रद्धा का संगम, अस्सी घाट पर जगद्गुरु साईं मां के मार्गदर्शन में हुआ भव्य भंडारा
वाराणसी। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर काशी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। जगद्गुरु साईं मां के मार्गदर्शन तथा जय गंगा मां सेवा समिति के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम में गंगा पूजन, भव्य गंगा आरती और विशाल अन्न सेवा (भंडारा) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मां गंगा की अविरलता, निर्मलता और संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
शनिवार और रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने गंगा आरती में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। गंगा तट पर आयोजित अन्न सेवा में सैकड़ों लोगों को प्रसाद स्वरूप भोजन वितरित किया गया। आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न होकर समाज में सेवा, करुणा, परोपकार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा।
जय गंगा मां सेवा समिति के प्रतिनिधि श्रवण कुमार मिश्रा ने कहा कि जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी द्वारा विश्वभर में सनातन धर्म, आध्यात्मिक मूल्यों और मानवता के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्य प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि साईं मां का मार्गदर्शन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। उनके द्वारा संचालित अन्न सेवा अभियान समाज में निस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि जगद्गुरु साईं मां ने अपने भारतीय शिष्यों के माध्यम से पुरुषोत्तम मास में अन्न सेवा करने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसके बाद इस विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। इसी क्रम में पुरुषोत्तम मास के अंतिम दो शनिवार और रविवार को अस्सी घाट पर गंगा आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए अन्न सेवा का संकल्प लिया गया है। इस श्रृंखला का पहला आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
गौरतलब है कि जगद्गुरु साईं मां विष्णुस्वामी परंपरा की 2,700 वर्ष पुरानी आध्यात्मिक परंपरा की प्रथम महिला जगद्गुरु मानी जाती हैं। उनके 20 से अधिक देशों में अनुयायी हैं। उनके मार्गदर्शन में काशी, बोधगया और देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सनातन संस्कृति, मानव सेवा और आध्यात्मिक जागरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं।