BLW में अंबेडकर जयंती पर भव्य आयोजन: शोभायात्रा से लेकर सम्मान समारोह तक दिखा उत्साह

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रंगशाला में आयोजित मुख्य समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों को याद किया और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
 

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। रंगशाला में आयोजित मुख्य समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों को याद किया और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

सुबह शोभायात्रा से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। यह यात्रा रंगशाला से निकलकर बरेका इंटर कॉलेज चौराहे स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा तक पहुंची, जहां श्रद्धांजलि अर्पित की गई। “जय भीम” और “बाबा साहेब अमर रहें” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा और प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

मुख्य समारोह में दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि
रंगशाला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक आशुतोष पंत द्वारा दीप प्रज्वलन और बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के प्रबल समर्थक थे।

‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ का संदेश
महाप्रबंधक ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को आज के समय में भी प्रासंगिक बताते हुए कर्मचारियों और युवाओं को इसे अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

छात्रों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। इससे कार्यक्रम में शिक्षा और प्रेरणा का संदेश और मजबूत हुआ।

अधिकारियों और कर्मचारियों की रही बड़ी भागीदारी
इस अवसर पर बरेका के कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और एससी-एसटी एसोसिएशन व कर्मचारी परिषद के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।

समरसता और प्रेरणा का संदेश
पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक समरसता, शिक्षा और समानता का संदेश प्रमुख रहा। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी जीवंत बना दिया।