गोवर्धन योजना से किसानों के घर हो रही धनवर्षा
गोपालकों ने गोबर बेचकर कमाए ₹4.77 करोड़
इस परियोजना से लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से मिला रोजगार
किसानों के खेतों की मिट्टी परीक्षण की सुविधा तथा जैविक खेती के लिए दिया जाता है प्रशिक्षण
वाराणसी, 6 अप्रैल: योगी सरकार के नेतृत्व में संचालित गोवर्धन योजना किसानों के लिए आय का सशक्त स्रोत बनकर उभर रही है। यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है। यह पहल कार्बन उत्सर्जन को कम कर पर्यावरण की सुरक्षा एवं सतत विकास को बढ़ावा दे रही है।
वाराणसी में स्थापित इस परियोजना के माध्यम से लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह पहल पशुपालकों और किसानों के लिए सतत आय का माध्यम बन रही है।
स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी ने बताया कि कान्हा उपवन शाहंशाहपुर में स्थापित बायोगैस प्लांट, उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग की भूमि पर विकसित किया गया है, जिसे वाराणसी नगर निगम को 15 वर्षों के लिए पट्टे पर प्रदान किया गया है। लगभग 7.9 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्लांट की स्थापना पर ₹26 करोड़ से अधिक की लागत आई है। यह प्लांट “वेस्ट टू वेल्थ” की अवधारणा को साकार करते हुए गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर रहा है। इसके अंतर्गत गोपालकों को गोबर से आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को निःशुल्क जैविक खाद उपलब्ध कराई जा रही है। वाहन चालकों को बाजार दर से कम मूल्य पर कंप्रेस्ड बायो गैस या सीएनजी मिल रही है। इसके अतिरिक्त किसानों के खेतों को मिट्टी परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है तथा जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
उत्पादन एवं संचालन क्षमता
प्लांट हेड संदीप कुमार द्विवेदी केबताया कि यह बायोगैस प्लांट प्रतिदिन 90 टन क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। प्रतिदिन लगभग 5,000 किलोग्राम बायोगैस का उत्पादन होता है ,रिफाइनिंग के पश्चात लगभग 2,000 किलोग्राम सीबीजी गैस का उत्पादन,ठोस एवं तरल (लिक्विड) जैविक खाद का उत्पादन उत्पादित गैस में से लगभग 1.5 टन गैस गेल इंडिया लिमिटेड को विक्रय की जाती है, जबकि 400–500 किलोग्राम गैस (सीएनजी) स्थानीय उपभोक्ताओं को प्लांट आउटलेट पर बाजार मूल्य से लगभग ₹6 कम दर पर उपलब्ध कराई जाती है।
किसानों को आर्थिक लाभ
प्लांट द्वारा गोपालकों से गोबर की खरीद ₹0.85 प्रति किलोग्राम की दर से की जाती है। वर्ष 2022 से अब तक 56,132 टन गोबर की खरीद कर किसानों को कुल ₹4.77 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 400 से अधिक किसान इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त,अब तक 96,447 किलोलीटर तरल जैविक खाद किसानों को निःशुल्क वितरित की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.54 करोड़ से अधिक है।