नाला निर्माण के बाद उजड़ी सड़क, गांधीनगर–नरिया मार्ग बना हादसों का कारण
वाराणसी। गांधीनगर–नरिया मार्ग पर नाला निर्माण के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि यह रास्ता अब लोगों के लिए खतरे का सबब बन गया है। सड़क की खुदाई के बाद उसे समुचित ढंग से दुरुस्त नहीं किया गया, जिसके चलते मार्ग ऊबड़-खाबड़ और टीलेनुमा हो गया है। नतीजतन दोपहिया ही नहीं, चारपहिया वाहनों का आवागमन भी मुश्किल हो गया है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
रोज़ाना हो रहे हादसे, लोग परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरते समय बाइक सवार अक्सर संतुलन खो बैठते हैं और गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कई स्थानों पर सड़क इतनी असमान है कि वाहनों के पहिए फंस जाते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है।
खुला नाला बढ़ा रहा खतरा
सड़क के किनारे बना नाला अभी भी खुला पड़ा है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और रात के समय आने-जाने वालों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार करीब दो महीने से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
विभागों के बीच तालमेल की कमी
जानकारी के मुताबिक, सड़क मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग और नगर निगम वाराणसी के बीच समन्वय की कमी के कारण अधर में लटका हुआ है। जिम्मेदारी तय न होने से राहगीरों को मजबूरी में इसी जर्जर रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
पूर्व राज्य मंत्री ने जताई नाराजगी
मामले को लेकर पूर्व राज्य मंत्री डॉ. बहादुर सिंह यादव ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सड़क को काटने के बाद उसे समय पर ठीक न करना गंभीर लापरवाही है। संबंधित विभागों को चाहिए कि वे इस समस्या को प्राथमिकता पर लें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों की पीड़ा
स्थानीय निवासी राकेश यादव ने बताया कि सड़क की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। उनके अनुसार, लगभग रोज कोई न कोई गिरकर घायल हो जाता है और खुला नाला खतरे को और बढ़ा देता है। लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर सड़क की मरम्मत कराए।