इस्कॉन वाराणसी में चार दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव शुरू, 24 घंटे गूंजेगा ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र

 

51 प्रकार की वस्तुओं से होगा श्रीकृष्ण का महा-अभिषेक, दो क्विंटल से अधिक हलवे का बंटेगा प्रसाद

भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा मंदिर परिसर, नंदोत्सव में लगेगा 108 व्यंजनों का महाभोग

वाराणसी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर काशी में भक्ति और उल्लास का माहौल बनने लगा है। दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन वाराणसी में बुधवार से चार दिवसीय भव्य जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत हो रही है। 2 से 5 सितंबर तक चलने वाले इस उत्सव में मंदिर परिसर में 24 घंटे निरंतर हरिनाम संकीर्तन होगा और ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र की ध्वनि गूंजती रहेगी। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का 51 प्रकार की वस्तुओं से महा-अभिषेक किया जाएगा, जबकि श्रद्धालुओं के बीच शुद्ध देसी घी से तैयार दो क्विंटल से अधिक हलवे का प्रसाद वितरित होगा।

चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में श्रीमद्भागवत कथा, हरिनाम संकीर्तन, भक्ति संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, महा-अभिषेक, विशेष श्रृंगार और महाआरती समेत कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। नंदोत्सव के साथ उत्सव का समापन होगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा।

चार दिनों तक कृष्ण भक्ति में डूबा रहेगा इस्कॉन मंदिर

जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन इस्कॉन वाराणसी के अध्यक्ष श्रीमान अच्युत मोहन दास के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आयोजन की जिम्मेदारी श्रीमान साक्षी मुरारी दास, श्रीमान रसिक गोविंद दास, श्रीमान मुरारी गुप्ता दास, श्रीमान धवल कृष्ण दास और राम केशव दास संभाल रहे हैं।

आयोजकों के अनुसार जन्माष्टमी उत्सव को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दोनों रूपों में भव्य बनाने की तैयारी की गई है। चार दिनों के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की लीलाओं और शिक्षाओं से परिचित कराने के साथ उन्हें भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी होने का अवसर मिलेगा।

श्रीमद्भागवत कथा से उत्सव का शुभारंभ

उत्सव के पहले दो दिन 2 और 3 सितंबर को सुबह 8 से 10 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा होगी। कथा का वाचन श्रीमान अच्युत मोहन प्रभु करेंगे। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनकी शिक्षाओं और आध्यात्मिक संदेशों का वर्णन किया जाएगा।

कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को समझने का अवसर मिलेगा। कथा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसादम की व्यवस्था भी रहेगी।

विशुद्ध बैंड के कीर्तन से सजेगी जन्माष्टमी की शाम

उत्सव के अगले चरण में 4 और 5 सितंबर को शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसमें IIT-BHU के पूर्व छात्रों द्वारा गठित विशुद्ध बैंड की ओर से कीर्तन और भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, बाल लीलाओं और आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति और समर्पण के भाव को मंच पर उतारेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

51 प्रकार की वस्तुओं से होगा श्रीकृष्ण का महा-अभिषेक

जन्माष्टमी महोत्सव के सबसे प्रमुख आकर्षणों में भगवान श्रीकृष्ण का कलश महा-अभिषेक शामिल होगा। विभिन्न प्रकार के पुष्पों समेत 51 प्रकार की वस्तुओं से भगवान श्रीकृष्ण का महा-अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भव्य आरती होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

जन्माष्टमी के लिए भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा। भगवान को पारंपरिक भारतीय शैली के साथ आधुनिक शैली के आकर्षक परिधान पहनाए जाएंगे। इस्कॉन वाराणसी से जुड़े गृहस्थ भक्तों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई पुष्पमालाओं से भगवान का श्रृंगार होगा।

दो क्विंटल से अधिक हलवे का बंटेगा प्रसाद

जन्माष्टमी पर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों के मुताबिक शुद्ध देसी घी से दो क्विंटल से अधिक हलवा तैयार किया जाएगा, जिसे श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।

चार दिवसीय आयोजन के दौरान अलग-अलग कार्यक्रमों में आने वाले भक्तों के लिए प्रसादम की व्यवस्था रहेगी। जन्माष्टमी के प्रमुख आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर की ओर से तैयारियां की गई हैं।

नंदोत्सव में श्रीकृष्ण को लगेगा 108 व्यंजनों का महाभोग

चार दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव का समापन नंदोत्सव के साथ होगा। इस दौरान श्रील प्रभुपाद कथा, विशेष कीर्तन और महा-अभिषेक आयोजित किया जाएगा। नंदोत्सव पर भगवान श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा।

इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। इस्कॉन वाराणसी की ओर से श्रद्धालुओं और आमजन से जन्माष्टमी उत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव भक्तिभाव से मनाने की अपील की गई है। आयोजन में सभी श्रद्धालुओं और आमजन के लिए प्रवेश खुला रहेगा।