फूलमंडी पर नगर निगम का कब्जा, अब किराया देकर ही होगा फूल कारोबार
वाराणसी। नगर निगम ने बुधवार को अवैध कब्जेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मलदहिया (इंग्लिशिया लाइन) स्थित किसान फूल मंडी के पास करोड़ों की भूमि पर अपना वैधानिक कब्जा ले लिया। यह भूमि रक्षा सम्पदा विभाग के स्वामित्व में है, जिसका प्रबंधन विधिवत रूप से नगर निगम के अधीन है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटाया और अनधिकृत रूप से बनी दुकानों को सील कर दिया।
अनधिकृत वसूली पर लगा ब्रेक
जांच में सामने आया कि फूल विक्रेताओं और दुकानों से अवैध रूप से किराया वसूला जा रहा था। निगम अधिकारियों के अनुसार यह वसूली किसी भी वैधानिक अनुमति के बिना की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान ऐसे सभी अवैध दावों को निरस्त कर दिया गया और परिसर को निगम के नियंत्रण में ले लिया गया।
पीला कार्ड निरस्त, अपील खारिज
वरुणापार जोनल अधिकारी द्वारा 30 दिसंबर 2025 को भवन संख्या एस.21/112-के-1 से जुड़े पीला कार्ड को पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद दावे किए जा रहे थे। इस फैसले के खिलाफ दायर अपील में कोई वैधानिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिसके चलते नगर आयुक्त ने अर्जी खारिज कर दी।
अब निगम से करना होगा सीधा अनुबंध
सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि अब फूल मंडी में कारोबार करने वाले सभी विक्रेताओं को नगर निगम के साथ औपचारिक अनुबंध करना होगा। आगे से किराया सीधे नगर निगम को जमा किया जाएगा। अवैध अध्यासी के नाम पर काटी जा रही टैक्स रसीदों को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया गया है।
500 से अधिक किसानों-व्यापारियों को मिलेगा लाभ
नगर निगम का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जहां निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं करीब 500 किसानों और फूल कारोबारियों को व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। इससे मंडी का संचालन भी अधिक पारदर्शी और सुचारु होगा।
नगर आयुक्त की सख्त चेतावनी
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि उक्त भूमि पर दोबारा किसी प्रकार का अवैध कब्जा पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग को मंडी परिसर में नियमों के अनुसार किराया वसूली और प्रबंधन व्यवस्था तुरंत लागू करने के आदेश दिए हैं।