दीपावली से पहले किसानों को मिला आधुनिक खेती का तोहफा, विधिक सहायता शिविर में सौंपी ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मिनी किट और फसल बीमा योजना से भी किसानों को मिला लाभ
वाराणसी। किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में कृषि विभाग की ओर से विशेष पहल की गई। शिविर में विभिन्न कृषि योजनाओं के लाभार्थी किसानों को सम्मानित करने के साथ उन्हें योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लाभार्थियों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी और प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस पहल से कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने और किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में कृषि विभाग की ओर से किसानों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों को खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वहीं, मिनी किट वितरण के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि संसाधनों से लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभाग की अन्य कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
इस दौरान कृषि विभाग की ओर से विविध सेवा शिविर लगाकर किसानों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया गया। पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
अधिकारियों के अनुसार, शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को शासन की कृषि योजनाओं से जोड़ना, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देना और खेती की लागत को कम करते हुए उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना है। इसके साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को अधिक सुविधाजनक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।