शारदीय नवरात्र में सीरगोवर्धन के चौराहा माता मंदिर का आकर्षक श्रृंगार, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, देवी गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल

शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सीर गोवर्धनपुर स्थित प्राचीन चौराहा माता मंदिर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात होते ही रोशनी से जगमगाता मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। सुबह से ही माता के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं, आसपास की महिलाएं एकत्र होकर देवी गीत और भजन प्रस्तुत कर रही हैं। उनकी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण माता रानी के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर हो रहा है।
 

वाराणसी। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सीर गोवर्धनपुर स्थित प्राचीन चौराहा माता मंदिर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात होते ही रोशनी से जगमगाता मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। सुबह से ही माता के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं, आसपास की महिलाएं एकत्र होकर देवी गीत और भजन प्रस्तुत कर रही हैं। उनकी भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण माता रानी के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर हो रहा है।

चौराहा माता मंदिर क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां चौराहा माता के साथ हनुमान जी, भगवान शंकर, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। नवरात्र के नौ दिनों में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु माता के चरणों में शीश झुकाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना करते हैं।

विधि-विधान से पूजन, श्रद्धालुओं को मिलता है प्रसाद
मंदिर की पुजारी आशा तिवारी ने बताया कि प्रत्येक नवरात्र में माता रानी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाता है। प्रतिदिन माता को भोग अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया जाता है। नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक माहौल रहता है। महिलाएं समूह में बैठकर देवी गीत और भजन गाती हैं तथा अपनी श्रद्धा व्यक्त करती हैं।

उन्होंने बताया कि मंदिर से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्र के नौ दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की सजावट और महिलाओं के भक्ति गीत धार्मिक वातावरण को और भी खास बना देते हैं।

सामूहिक भक्ति से मजबूत हो रही परंपरा
चौराहा माता मंदिर में नवरात्र के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजन क्षेत्र की पुरानी परंपराओं और सामूहिक आस्था का प्रतीक हैं। महिलाओं के भजन-कीर्तन से जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद मिलता है, वहीं आपसी मेल-जोल भी बढ़ता है। नौ दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना और भक्ति गतिविधियों के चलते सीर गोवर्धनपुर का यह मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।