डीएम सत्येन्द्र कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग की प्रगति की समीक्षा की, नामांकन व निपुण भारत मिशन पर दिया जोर
वाराणसी। बेसिक शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स (डीटीएफ) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालयों में नामांकन, छात्र उपस्थिति, निपुण भारत मिशन, चहक कार्यक्रम तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, डायट प्राचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी तथा विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान चहक कार्यक्रम और डीसी प्रशिक्षण की प्रगति का आकलन किया गया। साथ ही विद्यालयों में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
बैठक में विद्यालय भवनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा विद्यालयों में छात्र नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया।
निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सामने आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी योजनाओं और लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही और नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है।