डिजिटल राजस्व प्रणाली से आम जनता को मिलेगी राहत, योगी सरकार का कदम सराहनीय: डॉ. देवेश श्रीवास्तव ‘बच्ची’

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व सेवाओं को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में शुरू की गई नई ऑनलाइन व्यवस्थाओं का वाराणसी के अधिवक्ता डॉ. देवेश श्रीवास्तव ‘बच्ची’ ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे आम नागरिकों को राहत देने के साथ सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
 

भूमि विभाजन से लेकर EWS प्रमाण-पत्र तक ऑनलाइन प्रक्रिया, बोले- सरकारी दफ्तरों के चक्कर होंगे कम और व्यवस्था में बढ़ेगी पारदर्शिता

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व सेवाओं को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में शुरू की गई नई ऑनलाइन व्यवस्थाओं का वाराणसी के अधिवक्ता डॉ. देवेश श्रीवास्तव ‘बच्ची’ ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे आम नागरिकों को राहत देने के साथ सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव (फाइल फोटो)

वाराणसी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मामा की चौकी के अधिवक्ता डॉ. देवेश श्रीवास्तव ‘बच्ची’ ने कहा कि राजस्व से जुड़े कार्यों के डिजिटलीकरण से लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण आवेदनों की निगरानी आसान होगी और नागरिकों को अधिक पारदर्शी तरीके से सेवाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था में धारा 116 के तहत भूमि विभाजन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के साथ नोटिस, उद्घोषणा और लेखपाल की रिपोर्ट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं GIS तकनीक के माध्यम से भूमि संबंधी विवरण को अधिक सटीक बनाने पर जोर दिया गया है।

डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार EWS प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने से भी आवेदकों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा खतौनी में क्षेत्रफल का विवरण छह दशमलव अंकों तक दर्ज किए जाने की व्यवस्था भूमि अभिलेखों की सटीकता बढ़ाने में मददगार होगी।

उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से न केवल आम लोगों का समय बचेगा, बल्कि प्रक्रिया की निगरानी और जवाबदेही भी बेहतर होगी। “व्यवस्था के डिजिटलीकरण से आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से न्याय अधिक सुलभ होगा।”

डॉ. देवेश श्रीवास्तव ‘बच्ची’ ने इन सुधारों के लिए योगी सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राजस्व व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का विस्तार भविष्य में आम जनता के लिए और अधिक सुविधाजनक साबित होगा।