दीक्षोत्सव-2026: काशी विद्यापीठ की रस्साकशी प्रतियोगिता में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय और शिक्षा संकाय ने मारी बाजी

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 48वें दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित दीक्षोत्सव-2026 के तहत दो दिवसीय परंपरागत खेल प्रतियोगिता का शनिवार को उत्साहपूर्ण समापन हुआ। प्रतियोगिता के दूसरे दिन आयोजित रस्साकशी मुकाबलों में छात्रों और छात्राओं ने जबरदस्त जोश, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया। छात्र वर्ग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय तथा छात्रा वर्ग में शिक्षा संकाय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बना। 
 

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 48वें दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित दीक्षोत्सव-2026 के तहत दो दिवसीय परंपरागत खेल प्रतियोगिता का शनिवार को उत्साहपूर्ण समापन हुआ। प्रतियोगिता के दूसरे दिन आयोजित रस्साकशी मुकाबलों में छात्रों और छात्राओं ने जबरदस्त जोश, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया। छात्र वर्ग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय तथा छात्रा वर्ग में शिक्षा संकाय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बना। 

समापन समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि रस्साकशी केवल शक्ति प्रदर्शन का खेल नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सामूहिक प्रयास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस खेल से प्रतिभागियों में टीम भावना विकसित होती है और एक-दूसरे पर भरोसा करने की आदत मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि रस्साकशी शारीरिक दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी खेल है, जिससे हाथों, पैरों, कंधों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। साथ ही शरीर की सहनशक्ति, संतुलन और एकाग्रता का भी विकास होता है।

प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के प्रभारी अभियंत्रण प्रो. राकेश कुमार तिवारी ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की सचिव डॉ. उर्जस्विता सिंह ने कहा कि रस्साकशी भारत के पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों में से एक है, जो मनोरंजन के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता के छात्र वर्ग के फाइनल मुकाबले में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। शानदार तालमेल और दमदार प्रदर्शन के बल पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय ने जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। वहीं छात्रा वर्ग के फाइनल में शिक्षा संकाय और वाणिज्य संकाय आमने-सामने थे, जिसमें शिक्षा संकाय की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का सम्मान प्राप्त किया।

दो दिवसीय परंपरागत खेल प्रतियोगिता का सफल संचालन प्रभारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार सिंह एवं डॉ. राधेश्याम राय के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अंकित राय, अरिहंत सिंह, आकिब हाशमी और अनुज आर्या ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर डॉ. किरन सिंह, प्रो. निशा सिंह, डॉ. नीरज धनखड़, डॉ. प्रज्ञा, गणेश कुमार, रामलाल, ओंकार नाथ और अरविंद कुमार सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 17 जुलाई को आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में छात्र वर्ग के फाइनल में समाज विज्ञान संकाय ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया था, जबकि समाज कार्य विभाग उपविजेता रहा। वहीं छात्रा वर्ग में मानविकी संकाय ने शिक्षा संकाय को पराजित कर कबड्डी प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों में खेल भावना, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक सहभागिता को नई ऊर्जा प्रदान की।