राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि, आधुनिक और तकनीकी भारत के निर्माण में पूर्व पीएम के योगदान को किया याद

नरिया स्थित लॉन में बुधवार को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 82वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और देश को आधुनिक दिशा देने के प्रयासों को याद किया।
 

वाराणसी। नरिया स्थित लॉन में बुधवार को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 82वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और देश को आधुनिक दिशा देने के प्रयासों को याद किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं में रहे। उन्होंने देश को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए तकनीक, शिक्षा और संचार के क्षेत्र में कई पहल कीं। युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ने के साथ उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार को गति मिली। आधुनिक संचार व्यवस्था और तकनीकी शिक्षा के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों ने आगे चलकर देश में तकनीकी बदलाव की नींव मजबूत करने में योगदान दिया। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी की सोच में युवा भारत को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल करना प्रमुख था।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजीव गांधी के ग्रामीण विकास से जुड़े प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उनके प्रयास महत्वपूर्ण रहे। कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान तथा युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में भी उनके योगदान को याद किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजीव गांधी वैज्ञानिक सोच, आधुनिक दृष्टिकोण और सामाजिक सद्भाव के पक्षधर थे। उनके नेतृत्व में भारत ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाया। वक्ताओं ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ शांति और सद्भाव का संदेश देना भी उनकी राजनीतिक सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

कार्यक्रम के अंत में कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी के विचारों और आधुनिक भारत के उनके सपने को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को उनके वैज्ञानिक, प्रगतिशील और आधुनिक दृष्टिकोण से प्रेरणा लेकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

इस अवसर पर संजीव सिंह, ओमप्रकाश ओझा, वीरेंद्र कपूर, अनुराधा यादव, डॉ. उमेश चंद, शशि भूषण सिंह, अरुण सोनी, सतनाम सिंह, वकील अंसारी, देवेंद्र सिंह, तेजबहादुर, दीप विश्वकर्मा, मंगल कश्यप, गोपाल चौबे और शमशाद खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।