आयोग के निदेशक व सदस्य ने बीएचयू का किया दौरा, एससी छात्रों से समस्याओं पर किया संवाद, छात्रावासों का भ्रमण कर देखी व्यवस्था 

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास और आयोग के निदेशक उत्तम प्रकाश ने सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का भ्रमण कर शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों, विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, पदों की स्थिति और विद्यार्थियों-कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
 

वाराणसी। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास और आयोग के निदेशक उत्तम प्रकाश ने सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का भ्रमण कर शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों, विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, पदों की स्थिति और विद्यार्थियों-कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।

 

विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित बैठक में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत से जुड़े व्यक्ति का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में सदस्य होना विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है। नियमों और कानूनों से जुड़े विषयों को समझने के लिए खुले मन से संवाद जरूरी है। आयोग के सदस्यों के अनुभव और ज्ञान से समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।

 

कुलपति ने बताया कि बीएचयू में अनुसूचित जाति समुदाय के करीब 300 शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय की उल्लेखनीय भागीदारी के साथ विश्वविद्यालय के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। नियमित संवाद से समस्याओं को समझने और उनके समाधान के नए रास्ते तलाशने में सहायता मिलती है।

फीस और छात्रवृत्ति के मुद्दे उठाए
बैठक में डॉ. पार्थ बिस्वास ने विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न आंकड़ों और सूचनाओं के संकलन का उल्लेख किया। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान प्रवेश के समय फीस जमा करने, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक मार्गदर्शन से जुड़े विषय सामने आए। विद्यार्थियों ने परामर्श और सहयोग से संबंधित अपनी आवश्यकताओं की जानकारी भी साझा की।

इसके बाद डॉ. बिस्वास ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों का दौरा किया। वहां विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डॉ. अंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र योजना (डीएसीई) के विद्यार्थियों से भी संवाद किया।

व्यवस्थाओं की जानकारी ली
आयोग के सदस्यों ने विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए संचालित गतिविधियों पर संतोष जताया। भ्रमण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विद्यार्थियों से बातचीत कर विभिन्न व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं की जानकारी हासिल की। इसके बाद आयोग के सदस्य आईआईटी, बीएचयू के लिए रवाना हुए।

कार्यक्रम का समन्वय बीएचयू के अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के संपर्क अधिकारी एवं उपकुलसचिव मोतीचंद प्रसाद ने किया। बैठक का संचालन प्रो. आरएन खरवार ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव, परीक्षा नियंता डॉ. अवधेश कुमार, छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह, प्रो. ललिता बट्टा, प्रो. आरके लोधवाल सहित विभिन्न इकाइयों के अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।