IIT BHU के नवप्रवेशी छात्रों को कमांडर वीरेन्द्र कुमार जेटली ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश

आईआईटी बीएचयू में आयोजित ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के तीसरे दिन शनिवार को स्वतंत्रता भवन में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ एवं प्रख्यात प्रेरक वक्ता कमांडर वीरेन्द्र कुमार जेटली ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि आईआईटी में अर्जित ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के विकास के लिए भी करें।
 

वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में आयोजित ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के तीसरे दिन शनिवार को स्वतंत्रता भवन में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ एवं प्रख्यात प्रेरक वक्ता कमांडर वीरेन्द्र कुमार जेटली ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को प्रेरक संबोधन दिया। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि आईआईटी में अर्जित ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के विकास के लिए भी करें।

कार्यक्रम की शुरुआत ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार मिश्रा ने मुख्य अतिथि का परिचय देकर की। इस अवसर पर कार्यक्रम के सलाहकार प्रो. आर.के. मंडल, छात्र अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार, एसोसिएट डीन (अकादमिक-यूजी) प्रो. इंद्रजीत सिन्हा, एसोसिएट डीन (अकादमिक-पीजी) प्रो. कौशिक चट्टोपाध्याय तथा एसोसिएट डीन (कोर कोर्स) प्रो. अनुराग ओहरी सहित संस्थान के कई वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में कमांडर जेटली ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक. (ऑनर्स) करने के बाद भारतीय नौसेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल उच्च वेतन वाली नौकरी प्राप्त करने में नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के हित में करने में है।

उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी, सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाने की सलाह दी। नौसेना में बिताए अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने, टीम के साथ मिलकर कार्य करने और नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने की क्षमता ही व्यक्ति को सफल बनाती है। उन्होंने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) में बिताए जाने वाले वर्ष विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष हैं और उन्हें इनका सदुपयोग एक जिम्मेदार नागरिक तथा संवेदनशील नेतृत्वकर्ता बनने में करना चाहिए।

कमांडर वीरेन्द्र कुमार जेटली वर्तमान में आईआईटी खड़गपुर के सलाहकार, आईआईटी भुवनेश्वर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, एसआरएम विश्वविद्यालय, चेन्नई में यूजीसी नामित सदस्य तथा एसओए विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। वे यूथ4नेशन के संस्थापक राष्ट्रीय समन्वयक भी हैं। उनकी चर्चित पुस्तकों में We Can! We Can!, सफलता की उड़ान और 100 Great IITians: Dedicated to the Service of the Nation शामिल हैं। उन्हें आईआईटी खड़गपुर के डिस्टिंग्विश्ड सर्विस अवॉर्ड (DSA), डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड (DAA), आईआईटी रत्न और द्वारका रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों ने करियर, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका कमांडर जेटली ने विस्तार से उत्तर दिया। उनका प्रेरक संबोधन नवप्रवेशी छात्रों के लिए ज्ञान, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने वाला साबित हुआ।