सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में मनेगा छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, राज्य की संस्कृति और विकास यात्रा की दिखेगी झलक

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में एक नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर अपराह्न एक बजे योगसाधना केंद्र में विभिन्न शैक्षणिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश और कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की स्वीकृति से होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भौगोलिक विशेषताओं और विकास यात्रा से परिचित कराना है।
 

एक नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर भाषण, प्रश्नोत्तरी, रंगोली और प्रदर्शनी का होगा आयोजन, वृत्तचित्र के जरिए प्रस्तुत होगा छत्तीसगढ़ का इतिहास

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में एक नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर अपराह्न एक बजे योगसाधना केंद्र में विभिन्न शैक्षणिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश और कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की स्वीकृति से होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भौगोलिक विशेषताओं और विकास यात्रा से परिचित कराना है।

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता भारत की आत्मा और राष्ट्रीय एकात्मता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को समझने तथा सम्मान देने का अवसर है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और देश की विविधता के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी ज्ञान के प्रसार के साथ विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा और प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विशेषताओं पर भाषण प्रतियोगिता तथा सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी आयोजित होगी। विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं को रंगोली के माध्यम से भी प्रस्तुत करेंगे।

राज्य की सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें छात्र-छात्राएं पोस्टर, मॉडल और चार्ट के जरिए अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकनृत्य, गीत, वादन और लघु नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। संबंधित राज्य के विश्वविद्यालयों के साथ सहमति होने पर वहां की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल की जाएंगी।
शासन के निर्देश पर 31 अक्टूबर से 15 नवंबर तक देश के 17 राज्यों के स्थापना दिवस विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में मनाए जा रहे हैं। इसके तहत विश्वविद्यालय को छत्तीसगढ़ राज्य के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है।

तैयार होगी कार्यक्रमों की बुकलेट
आयोजन की सभी गतिविधियों का संकलन कर एक आकर्षक बुकलेट तैयार की जाएगी, जिसे कार्यक्रम के बाद शासन के सचिवालय को उपलब्ध कराया जाएगा। आयोजन के लिए छात्र कल्याण संकाय प्रमुख एवं सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष आचार्य प्रो. शैलेश कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी तथा संस्कृत विद्या विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रविशंकर पाण्डेय को सह-नोडल अधिकारी नामित किया गया है।