स्मार्ट नहीं चीटर मीटर, वाराणसी में आप का हंगामा, चौकाघाट उपकेंद्र पर प्रदर्शन

शहर में स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन चौकाघाट विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और इसे उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताया।
 

वाराणसी। शहर में स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन चौकाघाट विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और इसे उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताया।

कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को “स्मार्ट नहीं, चीटर मीटर” बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि यह व्यवस्था आम लोगों की मेहनत की कमाई पर चोट कर रही है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर में तकनीकी खामियां हैं, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उनका दावा था कि मीटर रिचार्ज कराने के बावजूद बैलेंस बहुत तेजी से खत्म हो जाता है और कई बार बिना पर्याप्त खपत के ही बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है।

AAP कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यह स्थिति लोगों के बीच असंतोष को बढ़ा रही है।

इस दौरान पार्टी के कई दर्जन कार्यकर्ता उपकेंद्र परिसर में पहुंचे और विद्युत अभियंता को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर प्रणाली की जांच कराने, उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने और कथित गड़बड़ियों को दूर करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था गरीब और मध्यम वर्ग के शोषण का माध्यम बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा कायम रह सके। अंत में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।