पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों पर बीएचयू साउथ कैंपस में मंथन, विद्यार्थियों को मिलेगा क्षेत्रीय भ्रमण का अनुभव
वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और भविष्य की चुनौतियों पर अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर (आरजीएससी) में सोमवार को दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। परिसर स्थित पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान की ओर से ‘पर्यावरणीय सततता: वर्तमान चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनाएं’ विषय पर दो और तीन नवंबर को कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उद्घाटन समारोह नवीन व्याख्यान संकुल के सभागार में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया गया तथा अतिथियों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि पर्यावरण एवं सतत विकास संकाय के अधिष्ठाता प्रो. जीएस सिंह और विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता प्रो. वीके मिश्रा रहे।
एमएससी पर्यावरण विज्ञान (पर्यावरण प्रौद्योगिकी) के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. जय प्रकाश वर्मा ने स्वागत भाषण में कार्यशाला के विषय और उद्देश्यों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि प्रो. जीएस सिंह ने बीएचयू के मुख्य परिसर और राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के बीच अकादमिक संवाद एवं सहभागिता को नियमित और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों परिसरों के बीच सहयोग बढ़ने से ज्ञान, अनुभव और शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर आदान-प्रदान संभव होगा।
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न संकाय सदस्य अपने विशेषज्ञता क्षेत्रों से जुड़े अनुभव और ज्ञान साझा करेंगे। विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ देने के लिए क्षेत्रीय भ्रमण भी कराया जाएगा। इससे उन्हें कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक जानकारी को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने दक्षिणी परिसर के विकास, उन्नयन और उसकी अकादमिक पहचान मजबूत करने की आवश्यकता भी बताई।
विद्यार्थियों से सक्रिय भागीदारी की अपील
विशिष्ट अतिथि प्रो. वीके मिश्रा ने कार्यशाला को विद्यार्थियों के ज्ञान और अनुभव को समृद्ध करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने छात्रों से सभी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। साथ ही मुख्य परिसर से आए विद्यार्थियों को दक्षिणी परिसर के स्वच्छ और हरित प्राकृतिक वातावरण से जुड़ने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम का संचालन एमएससी की छात्राओं श्रुति सिंह और फरहत सबा ने किया। इस दौरान डॉ. कुलदीप बौद्ध, डॉ. रजनी श्रीवास्तव, डॉ. अनिल कुमार पांडेय, डॉ. विशाल प्रसाद, डॉ. तीर्थंकर बनर्जी और डॉ. पीसी अभिलाष सहित संकाय के अन्य सदस्य मौजूद रहे। अंत में आयोजन सचिव डॉ. कुलदीप बौद्ध ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन सत्र संपन्न हुआ।