BHU शोध छात्रों ने आरडीसी तिथि बढ़ाने की मांग तेज की, दीक्षांत समारोह से वंचित होने की आशंका

बीएचयू के शोध छात्रों ने आरडीसी (Research Degree Committee) की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि मौजूदा समयसीमा के चलते कई शोधार्थियों के दीक्षांत समारोह से वंचित रहने की पूरी आशंका बन गई है।
 

वाराणसी। बीएचयू के शोध छात्रों ने आरडीसी (Research Degree Committee) की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि मौजूदा समयसीमा के चलते कई शोधार्थियों के दीक्षांत समारोह से वंचित रहने की पूरी आशंका बन गई है।

छात्रों ने ज्ञापन में अवगत कराया कि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 12 दिसंबर 2025 को होना प्रस्तावित है। इसके लिए आरडीसी की अंतिम तिथि 4 दिसंबर निर्धारित की गई है। लेकिन बड़ी संख्या में शोध छात्रों का वाइवा (Viva) इसी सप्ताह जारी है, कुछ के अगले दिनों में निर्धारित हैं। ऐसे में वे निर्धारित तिथि तक सभी औपचारिकताएँ पूर्ण करने में सक्षम नहीं होंगे।

छात्र प्रतिनिधि दिव्यांशु त्रिपाठी, सत्यनारायण सिंह और रत्नेश कुमार यादव ने कहा कि वाइवा की प्रक्रिया अभी चल रही है और कई छात्रों की परीक्षाएँ अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि “यदि आरडीसी की तिथि कुछ दिनों के लिए नहीं बढ़ाई गई, तो पात्र छात्र 12 दिसंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में अपनी डिग्री प्राप्त करने से वंचित रह जाएंगे।

छात्रों ने कुलसचिव से अनुरोध किया कि दीक्षांत समारोह की महत्ता और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आरडीसी की अंतिम तिथि में तत्काल विस्तार किया जाए, ताकि कोई भी पात्र शोधार्थी डिग्री प्राप्ति के अवसर से वंचित न रह जाए।

ज्ञापन में चेतावनी भी दी गई है कि यदि समयसीमा में उचित वृद्धि नहीं की गई, तो छात्र समुदाय आंदोलन करने को बाध्य होगा। छात्रों का कहना है कि दीक्षांत समारोह युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है और सिर्फ तकनीकी देरी के कारण उन्हें इससे वंचित करना उचित नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब छात्रों की इस मांग पर निर्णय लेगा।