युवा विनिमय कार्यक्रम के लिए बीएचयू का एनएसएस प्रतिनिधिमंडल मणिपुर रवाना
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का एक चयनित प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल अष्टलक्ष्मी दर्शन युवा विनिमय कार्यक्रम में सहभागिता के लिए रवाना हुआ। यह कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की अलग-अलग इकाइयों से चयनित कुल 21 स्वयंसेवकों का दल कार्यक्रम में भाग लेने हेतु मणिपुर प्रस्थान कर गया। यह प्रतिनिधिमंडल कार्यक्रम के दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, सामाजिक परंपराओं, जीवन मूल्यों तथा गंगा-जमुनी तहज़ीब की विशेषताओं से देश के अन्य राज्यों से आए युवाओं को परिचित कराएगा। इसके माध्यम से प्रतिभागी विद्यार्थी उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
वहीं, इस युवा विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत एनएसएस स्वयंसेवकों को पूर्वोत्तर भारत, विशेष रूप से मणिपुर राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं, जीवनशैली, रीति-रिवाजों एवं विकास संबंधी दृष्टिकोण को निकट से समझने का अवसर प्राप्त होगा। यह अनुभव विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाने के साथ-साथ उन्हें विविधताओं में एकता की भावना से जोड़ने का कार्य करेगा।
दल की रवानगी विश्वविद्यालय परिसर से प्रो. रंजन कुमार सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, तथा डॉ. स्वपना मीना, नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के युवा विनिमय कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अनुशासन, सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के साथ विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया।