पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट की खबर पर BHU प्रशासन ने दी सफाई, चिकित्सा अधीक्षक ने आरोपों को बताया तथ्यहीन
वाराणसी। सर सुंदरलाल अस्पताल में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की कुछ मीडिया प्लेटफार्मों एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने मामले में अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि डॉ. लहरी के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को ई-मेल के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई थी। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉ. लहरी के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली।
चिकित्सा अधीक्षक, सर सुंदरलाल चिकित्सालय की ओर से डॉ. टीके लहरी के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट अथवा दुर्व्यवहार की घटना को तथ्यहीन बताया गया है। ई-मेल प्राप्त होने के बाद आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक स्वयं वार्ड में पहुंचे और डॉ. लहरी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने की स्वास्थ्य जांच
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डॉ. लहरी के स्वास्थ्य को लेकर विशेष गंभीरता बरतते हुए चिकित्सा अधीक्षक ने 3 सितंबर 2026 को विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से उनकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच कराने का आदेश जारी किया था। इसके तहत हृदय रोग, सामान्य मेडिसिन, मनोचिकित्सा, वृद्धावस्था रोग, न्यूरोलॉजी, क्रिटिकल केयर तथा टीबी एवं छाती रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिपोर्ट में डॉ. लहरी के संबंध में विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट में हृदय रोग और टीबी जैसी शारीरिक बीमारियों के साथ-साथ उम्रजनित सिनाइल डिमेंशिया और व्यवहार में परिवर्तन जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आई हैं।
इलाज और देखभाल में आनाकानी का भी दावा
BHU प्रशासन के अनुसार उम्रजनित शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं के कारण डॉ. लहरी कई बार अपने उपचार, नित्यकर्म तथा साफ-सफाई से संबंधित गतिविधियों को लेकर भी आनाकानी करते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इसके बावजूद चिकित्साधिकारी और कर्मचारी लगातार उनकी देखभाल कर रहे हैं तथा चिकित्सकीय उपचार एवं आवश्यक निगरानी जारी है।
27 जनवरी से अस्पताल में भर्ती हैं डॉ. लहरी
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक पद्मश्री डॉ. टीके लहरी 27 जनवरी 2026 से छाती से संबंधित कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही चिकित्साधिकारी एवं कर्मचारी निरंतर उनकी देखभाल कर रहे हैं और उनका उपचार किया जा रहा है।
BHU प्रशासन का कहना है कि डॉ. लहरी की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए उनके उपचार एवं देखभाल को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। उन्हें विशेष चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है, ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
परिजनों से संपर्क का प्रयास
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी बताया कि डॉ. लहरी के स्वास्थ्य के संबंध में उनके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, प्रशासन के अनुसार अभी तक कोई भी परिजन उनकी देखभाल के लिए अस्पताल नहीं पहुंचा है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन द्वारा ही उनके स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों की देखभाल की जा रही है।
लगातार स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे अधिकारी
BHU प्रशासन ने कहा कि पद्मश्री डॉ. लहरी के स्वास्थ्य को लेकर विश्वविद्यालय पूरी तरह गंभीर है। इसी वजह से उन्हें विशेष चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार इसी क्रम में रविवार को भी आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक वार्ड में पहुंचे और डॉ. लहरी से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। अस्पताल प्रशासन ने दोहराया कि डॉ. लहरी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार से संबंधित प्रकाशित खबरें उपलब्ध तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं और अस्पताल प्रशासन उनकी चिकित्सा एवं देखभाल को लेकर लगातार सक्रिय है।
BHU प्रशासन की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण के बाद अब पूरे मामले में विश्वविद्यालय द्वारा डॉ. लहरी की चिकित्सा स्थिति, विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिपोर्ट और अस्पताल में उनकी निरंतर देखभाल को प्रमुख तथ्य के रूप में सामने रखा गया है।