बरेका को फिर मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, आईआरआईएस सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र से बढ़ा गौरव

बरेका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और कार्यक्षमता का प्रमाण देते हुए प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल की है। यूरोपियन स्टैंडर्ड की अग्रणी संस्था यूनिफे (UNIFE) द्वारा इंटरनेशनल रेलवे इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (IRIS) के अंतर्गत नवीनतम आईएसओ मानक आईएसओ 22163 का सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र बरेका को लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल बरेका बल्कि भारतीय रेलवे के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।
 

वाराणसी। बरेका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और कार्यक्षमता का प्रमाण देते हुए प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल की है। यूरोपियन स्टैंडर्ड की अग्रणी संस्था यूनिफे (UNIFE) द्वारा इंटरनेशनल रेलवे इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (IRIS) के अंतर्गत नवीनतम आईएसओ मानक आईएसओ 22163 का सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र बरेका को लगातार दूसरी बार प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल बरेका बल्कि भारतीय रेलवे के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।

बरेका भारत की पहली रेलवे लोकोमोटिव निर्माण इकाई है, जिसे यह प्रतिष्ठित आईआरआईएस सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। इस प्रमाण-पत्र के मिलने से बरेका की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है। साथ ही इससे भविष्य में बरेका द्वारा निर्मित डीजल इंजनों के साथ-साथ विद्युत इंजनों की वैश्विक बाजार में मांग बढ़ने की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है।

आईआरआईएस प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए संस्थानों को गुणवत्ता, प्रबंधन प्रणाली और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े दस कठोर मानकों पर खरा उतरना अनिवार्य होता है। बरेका ने इन सभी मानकों को रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक पूरा कर यह उपलब्धि हासिल की। रेलवे उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यूनिफे द्वारा बेंगलुरु स्थित डी.क्यू.एस. सर्टिफिकेशन को ऑडिट एजेंसी नियुक्त किया गया था। डी.क्यू.एस. की विशेषज्ञ टीम ने बरेका में लगातार सात दिनों तक गहन और विस्तृत ऑडिट किया। ऑडिट के उपरांत टीम ने बरेका को सभी मानकों पर उपयुक्त पाते हुए यूनिफे को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने की संस्तुति भेजी।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी बरेका को आईआरआईएस सिल्वर ग्रेड प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ था। इस वर्ष पुनः रिकॉर्ड समय में इस प्रमाण-पत्र को हासिल कर बरेका ने अपनी गुणवत्ता और निरंतर सुधार की प्रतिबद्धता को साबित किया है। यह सफलता बरेका के महाप्रबंधक सोमेश कुमार के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में संभव हो सकी, जिसमें सभी बरेका कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एसके श्रीवास्तव ने बरेका कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे एक असाधारण उपलब्धि बताया। वहीं मुख्य अभिकल्प इंजीनियर (डीजल) प्रवीण कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि बरेका कर्मियों के अथक परिश्रम, समर्पण और टीमवर्क का परिणाम है।