बरेका में जागरुकता कार्यशाला, वैज्ञानिक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर
वाराणसी। बरेका केंद्रीय चिकित्सालय में जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाप्रबंधक आशुतोष पंत के दिशा-निर्देशन तथा प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य कर्मचारियों और आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वैज्ञानिक आधार पर चिकित्सा पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ. देवेश कुमार ने इस वर्ष की थीम “स्वास्थ्य के लिए एकजुट रहें, विज्ञान के साथ खड़े रहें” पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहना जीवन का सबसे बड़ा धन है, लेकिन आज के समय में जहां स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, वहीं भ्रामक जानकारियों और अफवाहों का प्रसार भी तेजी से हो रहा है। ऐसे में लोगों को केवल वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणिक स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए, ताकि वे सही उपचार प्राप्त कर सकें और सुरक्षित जीवन जी सकें।
कार्यक्रम में महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेक्षा पाण्डेय ने स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहतर जीवन की आधारशिला हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी एवं फिजिशियन डॉ. मिन्हाज अहमद ने स्वास्थ्य शिक्षा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां, जैसे नियमित दिनचर्या, स्वच्छता और संतुलित खानपान अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए पॉपुलर नर्सिंग इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने असिस्टेंट प्रोफेसर किरण श्रीनिवास के मार्गदर्शन में “स्वास्थ्य के लिए एकजुटता तथा आधुनिक चिकित्सा के वैज्ञानिक आधार” विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक के माध्यम से आधुनिक चिकित्सा पद्धति और वैज्ञानिक सोच अपनाने का सशक्त संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर केंद्रीय चिकित्सालय के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य नर्सिंग सुपरिटेंडेंट कमला श्रीनिवासन, चंद्रकला राव, सीता कुमारी सिंह, एलिस कुजूर, आरती, उषा जैसल, संजूलता गौतम, कार्यालय अधीक्षक राजेश कुमार, देवता नंद तिवारी, ईसीजी टेक्नीशियन दुर्गेश नंदन श्रीवास्तव सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।