काशी में ‘नमामि गंगे’ का जागरूकता अभियान, गंगा द्वार पर लोगों को दिलाया स्वच्छता का संकल्प
वाराणसी। गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता व अविरलता को लेकर मंगलवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर ‘नमामि गंगे’ के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया। काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने परियोजना की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाते हुए लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
गंगा स्वच्छता को लेकर दिलाया गया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। “हम नहीं रुकेंगे- हम स्वच्छ करेंगे” और “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” के नारों से पूरा गंगा द्वार गूंज उठा।
नमामि गंगे की उपलब्धियों की दी जानकारी
इस अवसर पर नमामि गंगे परियोजना की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया गया। बताया गया कि अब तक 98 सीवेज परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 212 से अधिक सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के जरिए 6,540 एमएलडी से अधिक की सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता विकसित की जा रही है।
इसके साथ ही 267 से अधिक घाटों और श्मशानों का आधुनिकीकरण किया जा चुका है तथा मशीनों के जरिए नदी की सतह से तैरते ठोस कचरे को हटाने का कार्य लगातार जारी है। अब तक 10 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक गंगा में जाने से रोका गया है।
डॉल्फिन और कछुओं के संरक्षण पर भी जोर
गंगा की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए डॉल्फिन, कछुओं और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण हेतु विशेष परियोजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा ‘जल महोत्सव’ और ‘स्वच्छता रैली’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
पत्रिका वितरण कर दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा प्रकाशित नमामि गंगे परियोजना की विस्तृत जानकारी वाली पत्रिका का वितरण किया गया। लोगों ने पत्रिका प्राप्त कर गंगा में गंदगी न करने और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
जन-जन से की गई सहभागिता की अपील
गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने लोगों से अपील की कि वे गंगा में प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट न डालें, तटों की स्वच्छता बनाए रखें और जल का जिम्मेदारी से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे मिशन को विश्व स्तर पर सराहा गया है और इसे सफल बनाने में आम जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
हजारों लोग हुए शामिल
इस अभियान में विश्वजीत जायसवाल, पीयूष गुप्ता, श्रीकर, फैजान अयूबी, श्रेया विश्वकर्मा, अर्पिता सोनी समेत हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक, श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए।
यह अभियान गंगा की स्वच्छता और संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रहा है, जो काशी की पहचान को और भी गौरवशाली बना रहा है।