जलस्तर घटते ही अस्सी घाट पर सफाई तेज, सिल्ट और मिट्टी हटाने में जुटी नगर निगम टीम

गंगा नदी का जलस्तर लगातार घटने के साथ ही बाढ़ के दौरान घाटों पर जमा सिल्ट, मिट्टी और अपशिष्ट सामने आने लगा है। जलस्तर कम होने के बाद नगर निगम ने घाटों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को अस्सी घाट पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम के सफाईकर्मियों ने घाट की सीढ़ियों और आसपास के हिस्सों में जमा मिट्टी व सिल्ट हटाने का कार्य शुरू किया।
 

वाराणसी। गंगा नदी का जलस्तर लगातार घटने के साथ ही बाढ़ के दौरान घाटों पर जमा सिल्ट, मिट्टी और अपशिष्ट सामने आने लगा है। जलस्तर कम होने के बाद नगर निगम ने घाटों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को अस्सी घाट पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम के सफाईकर्मियों ने घाट की सीढ़ियों और आसपास के हिस्सों में जमा मिट्टी व सिल्ट हटाने का कार्य शुरू किया।

 

बाढ़ के दौरान गंगा का पानी बढ़ने से अस्सी घाट के कई हिस्सों में मिट्टी, सिल्ट और अन्य अपशिष्ट जमा हो गया था। पानी कम होने के बाद यह गंदगी सीढ़ियों पर दिखाई देने लगी, जिससे लोगों के आवागमन में भी परेशानी हो रही थी। नगर निगम की टीम ने सफाई शुरू कर घाट को व्यवस्थित करने का प्रयास किया।

 

अधिकारियों के निर्देश पर लगातार चल रहा अभियान
सफाई सुपरवाइजर अनुजय के निर्देशन में कर्मचारियों ने घाट पर सफाई कार्य किया। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में लगातार सफाई कराई जा रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के दौरान जमा हुई मिट्टी और सिल्ट को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है। जलस्तर घटने के साथ सामने आने वाले अन्य हिस्सों में भी सफाई अभियान चलाया जाएगा।

नगर निगम के खाद्य एवं सफाई निरीक्षक भेलूपुर शिवेश तिवारी की निगरानी में भी सफाई व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। कर्मचारियों ने सीढ़ियों से मिट्टी और सिल्ट हटाने के साथ आसपास के हिस्सों की भी सफाई की।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर
अस्सी घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बाढ़ के बाद जमा गंदगी के कारण किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम की टीम लगातार काम कर रही है। सफाई कर्मचारियों का प्रयास है कि गंगा का जलस्तर सामान्य होने के साथ घाटों की सफाई भी पूरी कर ली जाए, ताकि स्नान, पूजा-पाठ और आवागमन में लोगों को सुविधा मिल सके।

अभियान में सफाई कर्मचारी रामजी, वंदना, गोलू, ललित, आशा, चंपा और गुड्डू सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। नगर निगम के अनुसार जलस्तर में और कमी आने पर घाटों के अन्य हिस्सों को भी चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से साफ कराया जाएगा।