सम्राट अशोक के आदर्शों पर चलकर ही बनेगा समतामूलक समाज : बाबू सिंह कुशवाहा

चिरईगांव क्षेत्र के सीवों (चूनाडीह) गांव में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सम्राट अशोक स्तंभ का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि संविधान का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जल, जंगल, जमीन, धन और शासन-सत्ता में शोषित एवं वंचित वर्गों को समान भागीदारी मिलेगी।
 

वाराणसी। चिरईगांव क्षेत्र के सीवों (चूनाडीह) गांव में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सम्राट अशोक स्तंभ का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि संविधान का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जल, जंगल, जमीन, धन और शासन-सत्ता में शोषित एवं वंचित वर्गों को समान भागीदारी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक और आर्थिक समानता स्थापित किए बिना संविधान की भावना को पूरी तरह साकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज में भाईचारे, न्याय और समान अवसरों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युद्ध और संघर्ष की बजाय भगवान बुद्ध तथा सम्राट अशोक के विचारों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जिससे बुद्ध और सम्राट अशोक जैसे महान व्यक्तित्वों का निर्माण हो सके।

बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं पर जाते हैं तो वे भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हैं। लेकिन दूसरी ओर मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी, प्रजापति, लोहार, नाई तथा अन्य वंचित वर्गों के लोग आज भी बेरोजगारी, आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इन वर्गों को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी में उचित अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में चंद्रपाल, विजय वर्मा, भागीरथी सिंह मौर्य, मनु विश्वकर्मा और रामकृष्ण प्रजापति सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मौर्य ने की, जबकि संचालन अनिल कुमार मौर्य ने किया। इस अवसर पर रमाशंकर, वीरेंद्र कुमार, शाहनवाज खान, रामप्रकाश, गुंजा देवी, आशा देवी, संगीता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।