अजय राय ने पांचवीं बार की पंचकोशी परिक्रमा, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर लोककल्याण की कामना की

काशी की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक अस्मिता और प्रदेशवासियों के सुख-शांति व समृद्धि की मंगलकामना के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को पांचवीं बार पंचकोशी यात्रा की। विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद उन्होंने पंचकोशी परिक्रमा का संकल्प लिया और काशी के प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शन-पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की।
 

वाराणसी। काशी की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक अस्मिता और प्रदेशवासियों के सुख-शांति व समृद्धि की मंगलकामना के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को पांचवीं बार पंचकोशी यात्रा की। विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद उन्होंने पंचकोशी परिक्रमा का संकल्प लिया और काशी के प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शन-पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की।

अजय राय सुबह लहुराबीर स्थित अपने आवास से निकले और सबसे पहले लाट भैरव क्षेत्र स्थित बड़े गणेश मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली और सामाजिक समृद्धि की कामना की। तत्पश्चात वे मणिकर्णिका कुंड और मां गंगा के तट पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का पूजन किया और पंचकोशी यात्रा का संकल्प लिया।

इसके बाद अजय राय ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने डंडी स्वामियों, आचार्यों, संत-महात्माओं और ब्राह्मणों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मणिकर्णिका घाट से पंचकोशी यात्रा विधिवत प्रारंभ हुई। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के उपरांत यात्रा अस्सी घाट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं, संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ परिक्रमा के प्रथम चरण की शुरुआत हुई।

यात्रा के दौरान अजय राय ने पंचकोशी परिक्रमा के परंपरागत पांच प्रमुख पड़ावों पर पूजा-अर्चना की। पहले पड़ाव कंदवा स्थित कर्दमेश्वर महादेव मंदिर में उन्होंने भगवान शिव का दर्शन-पूजन किया। दूसरे पड़ाव भीमचंडी मंदिर में मां भीमचंडी का आशीर्वाद लिया। तीसरे पड़ाव वरुणा नदी के तट पर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक और पूजा की। चौथे पड़ाव शिवपुर स्थित पांचों पांडव स्थल और द्रौपदी कुंड में दर्शन-पूजन कर धर्म, संस्कृति और लोककल्याण की कामना की। अंतिम पड़ाव कपिलधारा स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा पूर्ण हुई।

इस अवसर पर अजय राय ने कहा कि पंचकोशी यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि काशी की आत्मा, सांस्कृतिक चेतना और सनातन जीवन मूल्यों का जीवंत उत्सव है। यह यात्रा लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि काशी स्वयं भगवान शिव का स्वरूप है और पंचकोशी परिक्रमा शिवत्व, सेवा, साधना और समर्पण का प्रतीक है। मां गंगा और बाबा विश्वनाथ की कृपा से प्रदेश में खुशहाली, सामाजिक सौहार्द और लोकमंगल की भावना मजबूत हो, यही उनकी कामना है।

यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर अजय राय व यात्रियों का स्वागत किया। “हर-हर महादेव” और “हर-हर गंगे” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा में जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रवीण प्रकाश, रामस्नेही पांडेय, श्रीप्रकाश सिंह, गिरीश पांडेय, घनश्याम सिंह, मनीष मोरोलिया, चंचल शर्मा, सुनील राय, सतनाम सिंह, ओमप्रकाश ओझा, विनोद सिंह, राजू राम, अशोक सिंह, प्रदीप सिंह, रोहित दुबे, विकास कौंडिल्य, मोहम्मद उजैर, राजेंद्र गुप्ता, आयुष पटेल, ईशान पटेल, रामजी गुप्ता सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।