काशी विद्यापीठ में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा, उठाई मांगें 

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एक बार फिर छात्र आंदोलनों को लेकर सुर्खियों में है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं मांगों पर विचार करने की मांग की। 
 

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एक बार फिर छात्र आंदोलनों को लेकर सुर्खियों में है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं मांगों पर विचार करने की मांग की। 

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी के वाराणसी विभाग संयोजक आकाश प्रताप सिंह ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। उनके अनुसार विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं लंबे समय से बुनियादी और शैक्षणिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परिसर की व्यवस्था पर सवाल उठाए। खासतौर पर छात्रावासों की स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी सामने आई। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टलों में सुरक्षा और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, जिससे असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। नशे के कारोबार और हथियारों के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी छात्रों ने चिंता जताई और कहा कि वे भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

शैक्षणिक मोर्चे पर भी छात्रों की समस्याएं कम नहीं हैं। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई छात्रों को परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दिखा दिया जाता है, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ जाता है। इसके अलावा परीक्षा परिणामों में देरी के कारण छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बुनियादी सुविधाओं की कमी भी आंदोलन का अहम मुद्दा रही। छात्रों ने बताया कि छात्रावासों में मेस व्यवस्था बेहद खराब है, जिससे उन्हें हीटर पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही समय पर पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध न होना भी उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रहा है। अंतिम वर्ष के छात्रों ने मानसिक तनाव की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि समय पर परीक्षा और परिणाम न आने के कारण वे आगे की पढ़ाई, विशेषकर सीयूईटी के माध्यम से पीजी में प्रवेश को लेकर असमंजस में हैं।

एबीवीपी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।