मणिकर्णिका मामले में आम आदमी पार्टी का मोदी-योगी सरकार पर हमला, कहा- करते हैं हिंदुत्व की बात, लेकिन मंदिरों का कर रहे ध्वस्तीकरण

वाराणसी। काशी के प्राचीन मठों, मंदिरों और शिलालेखों को ध्वस्त किए जाने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) वाराणसी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मणिकर्णिका घाट से सटे प्राचीन धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला। यह प्रदर्शन वाराणसी जिला मुख्यालय पर आयोजित हुआ, जहां महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।
 

वाराणसी। काशी के प्राचीन मठों, मंदिरों और शिलालेखों को ध्वस्त किए जाने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) वाराणसी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मणिकर्णिका घाट से सटे प्राचीन धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला। यह प्रदर्शन वाराणसी जिला मुख्यालय पर आयोजित हुआ, जहां महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।

विकास के नाम पर विरासत मिटाने का आरोप
जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में भारी संख्या में आप कार्यकर्ता शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि हिंदुत्व और मंदिरों की सुरक्षा का दावा करने वाली केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, काशी की प्राचीन विरासत को बचाने के बजाय विकास के नाम पर उसे मिटा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट के पास स्थित वे मंदिर, जिन्हें अहिल्याबाई होलकर ने 1771 में बनवाया था, आज बुलडोजर की भेंट चढ़ाए जा रहे हैं।

अहिल्याबाई होलकर के नाम पर राजनीति का आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 में वीरांगना अहिल्याबाई होलकर के नाम पर चांदी का सिक्का जारी किया जाता है, वहीं दूसरी ओर 2026 में उन्हीं के द्वारा निर्मित मंदिरों और मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इसे ऐतिहासिक विरासत के साथ दोहरा रवैया करार दिया।

काशी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दावा
कैलाश पटेल ने कहा कि दुनिया भर के देश अपनी प्राचीन विरासत को सहेजते हैं और उसका जीर्णोद्धार कर पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, जबकि काशी में इसके ठीक उलट हो रहा है। उन्होंने कहा कि बनारस के लोग इन्हीं घाटों और मंदिरों के बीच पले-बढ़े हैं और आज इन धरोहरों को मिटाकर उनकी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई जा रही है। इस कथित कार्रवाई से वाराणसी की जनता में भारी आक्रोश है।

राष्ट्रपति से पुनः जीर्णोद्धार की मांग
आम आदमी पार्टी वाराणसी ने राष्ट्रपति महोदया से मांग की है कि वे केंद्र सरकार को निर्देशित करें कि अहिल्याबाई होलकर द्वारा स्थापित प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों और विरासत स्थलों का पुनः जीर्णोद्धार कराया जाए। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी प्रश्न है।

कई प्रमुख कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में मुकेश सिंह, देवकांत वर्मा, घनश्याम पाण्डेय, मनीष गुप्ता, पल्लवी वर्मा, अर्चना श्रीवास्तव, शारदा टंडन, मोहिनी महेद्रु, डॉ. अहिल्या, राजेश वर्मा, गुलाब राठौड, अभिषेक सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, सरोज शर्मा, कन्हैया मिश्रा, अमर सिंह पटेल, अनुराग अग्रवाल, सहनवाज, विवेक गुप्ता, मोहम्मद यूसुफ, अरविन्द यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।

विरासत बनाम विकास की बहस फिर तेज
आप के इस प्रदर्शन के बाद काशी में एक बार फिर विकास और विरासत के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है। पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।