वाराणसी के चिरईगांव में सजे मां दुर्गा के भव्य पूजा पंडाल, सप्तमी पर प्रतिमा स्थापना के साथ शुरू हुई पूजा-अर्चना

वाराणसी। शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शनिवार को वाराणसी के चिरईगांव क्षेत्र में दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ गई। ग्रामीण इलाकों में बनाए गए पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। शाम होते ही देवी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। पूजा पंडालों में देवी गीतों और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
 
  • मोकलपुर, मुस्तफाबाद रेतापार, कमौली, सलारपुर समेत कई गांवों में स्थापित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं
  • शाम होते ही दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

वाराणसी। शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शनिवार को वाराणसी के चिरईगांव क्षेत्र में दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ गई। ग्रामीण इलाकों में बनाए गए पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। शाम होते ही देवी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। पूजा पंडालों में देवी गीतों और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

चिरईगांव के कई गांवों में स्थापित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं
चिरईगांव विकासखंड के ग्रामीण और ढाब क्षेत्र में शारदीय नवरात्र को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के मोकलपुर, मुस्तफाबाद रेतापार, चिरईगांव, कमौली, नेवादा, मढ़नी, रुस्तमपुर, गौराकला, सलारपुर, उमरहां, बराई और सीवों सहित कई गांवों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सप्तमी के अवसर पर पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू होने के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन-पूजन किए।

शाम होते ही दर्शन के लिए पहुंचने लगे श्रद्धालु
शनिवार को दिनभर पूजा पंडालों में प्रतिमा स्थापना और धार्मिक अनुष्ठान का क्रम चलता रहा। शाम होते ही आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह का माहौल बना रहा। 

देवी गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भक्तिमय हुआ माहौल
दुर्गा पूजा के अवसर पर विभिन्न गांवों में स्थापित पंडालों में पूजा-अर्चना के साथ देवी गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। धार्मिक आयोजनों के चलते गांवों में उत्सव जैसा वातावरण है। सप्तमी से शुरू हुए पूजा कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ गई है। चिरईगांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के बाद पूजा पंडाल श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।