हजरत तैयब शाह बनारसी के उर्स पर आज सजेगा भव्य मेला, मंडुवाडीह में उत्सव का माहौल

वाराणसी। मंडुवाडीह स्थित हजरत तैयब शाह बनारसी दरगाह पर आज उर्स के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जो देर रात तक गुलजार रहेगा। छोटी ईद के मौके पर लगने वाला यह मेला बनारस की पुरानी और खास परंपराओं में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी लगाते हैं और मेले का आनंद उठाते हैं।
 

वाराणसी। मंडुवाडीह स्थित हजरत तैयब शाह बनारसी दरगाह पर आज उर्स के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा, जो देर रात तक गुलजार रहेगा। छोटी ईद के मौके पर लगने वाला यह मेला बनारस की पुरानी और खास परंपराओं में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी लगाते हैं और मेले का आनंद उठाते हैं।

बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों से पहुंचते हैं अकीदतमंद
इस मेले की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। लोग दरगाह पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगते हैं और उर्स की रौनक में शामिल होते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना रहता है।

तैयारियां पूरी, सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम
दरगाह के खादिम मोहम्मद अब्दुल सलाम रसीदी और मैनेजर मोहम्मद अकरम की देखरेख में मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

खान-पान और झूलों से सजता है मेला
मेले की रौनक यहां लगने वाली खान-पान की दुकानों से और बढ़ जाती है। चुनार के प्रसिद्ध बिस्कुट, बड़ी बाजार के नमकीन, पराठा और पकौड़ी की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा बच्चों के लिए झूले और खिलौनों की दुकानें भी खास आकर्षण का केंद्र रहती हैं।

भाईचारे और सांस्कृतिक एकता की मिसाल
उर्स और मेले के कारण पूरे मंडुवाडीह क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मेला आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां सभी धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर इस परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं।