मुंशी घाट पर डूब रहे महाराष्ट्र के किशोर को जल पुलिस और नाविकों ने बचाया, टला बड़ा हादसा
चेतावनी के बावजूद बैरिकेडिंग के बाहर चला गया किशोर
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के कल्याण क्षेत्र का रहने वाला लगभग 16 वर्षीय किशोर अपने साथियों के साथ वाराणसी घूमने आया था। शुक्रवार को वह मुंशी घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचा। स्नान के दौरान वह सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग के बाहर निकल गया और धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ने लगा।
घाट पर ड्यूटी कर रहे जल पुलिस कर्मियों ने उसे कई बार सुरक्षित क्षेत्र में रहने और बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। कुछ ही देर बाद वह गहरे पानी में संतुलन खो बैठा और डूबने लगा।
किशोर को पानी में संघर्ष करते देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल पुलिस के कांस्टेबल अशोक कुमार ने तत्काल स्थानीय नाविकों की सहायता ली और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।
जल पुलिस और नाविकों के संयुक्त प्रयास से किशोर को कुछ ही मिनटों में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली। यदि कुछ देर और हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेस्क्यू के बाद किशोर की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की गई। उसकी हालत सामान्य पाए जाने पर जल पुलिस ने उसे आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई और बाद में उसके साथियों के सुपुर्द कर दिया। घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
घटना के बाद जल पुलिस ने गंगा घाटों पर स्नान कर रहे लोगों से अपील की कि वे केवल निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करें और बैरिकेडिंग के बाहर जाने से बचें। अधिकारियों ने बताया कि गंगा में जलस्तर और धाराओं की स्थिति कई बार अचानक बदल जाती है, जिससे गहरे पानी में जाने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
जल पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनुरोध किया है कि गंगा स्नान के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल घाट पर तैनात पुलिस या सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें, ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मुंशी घाट पर हुई यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि गंगा घाटों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है, जबकि सतर्कता और नियमों का पालन बड़े हादसों को टाल सकता है।