पिलर के सहारे खड़ा बिजली का जर्जर खंभा, चार दिन बाद भी नहीं जागा विभाग, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
वाराणसी। सीर गोवर्धनपुर स्थित दलित बस्ती में बिजली विभाग की लापरवाही स्थानीय लोगों पर भारी पड़ सकती है। बस्ती में बिजली के करीब पांच खंभे जर्जर हालत में हैं। इनमें एक खंभे की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है, जो पिलर के सहारे टिका हुआ है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद चार दिन बीतने पर भी विभाग की ओर से मरम्मत नहीं कराई गई। इससे बस्ती के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, बस्ती में कई बिजली के खंभे लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं। इनमें एक खंभा कभी भी गिर सकता है। आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है और बच्चे भी खेलते हैं। ऐसे में खंभा गिरने या बिजली के तारों से करंट उतरने की आशंका बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि संबंधित खंभे में करंट उतरने की शिकायत भी सामने आई है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
एक्सईएन का आश्वासन भी बेअसर
इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के एक्सईएन सौरव पांडेय से शिकायत की गई थी। उन्होंने सोमवार तक खंभे को ठीक कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सीमेंट-बालू लगाकर खानापूर्ति का आरोप
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि दलित बस्ती में करीब पांच बिजली के खंभे जर्जर हैं। इस संबंध में एक्सईएन और एसडीओ से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग खंभों पर सीमेंट और बालू लगाकर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है, जबकि खंभों की वास्तविक स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने कहा कि बस्ती में छोटे बच्चे खेलते हैं और दिनभर लोगों का आवागमन रहता है। पिलर के सहारे खड़ा खंभा कभी भी गिर सकता है। यदि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग अक्सर हादसा होने के बाद ही सक्रिय होता है।
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बिजली विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर सभी जर्जर खंभों की जांच करे और उन्हें सुरक्षित तरीके से बदलवाए। अमन यादव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बस्ती के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।