सावन में खरीदारी और मनोरंजन का संगम: दुर्गाकुंड शिल्प मेले में उमड़ रही भीड़, जलपरी शो बना खास आकर्षण

दुर्गाकुंड स्थित साकेत नगर पार्क में आयोजित एक माह लंबे स्वदेशी शिल्प मेले ने शहरवासियों के बीच खास आकर्षण पैदा कर दिया है। सावन माह तक चलने वाले इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प कलाकारों, व्यापारियों और उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। खरीदारी, स्वादिष्ट व्यंजनों और मनोरंजन के विविध साधनों से सजा यह मेला परिवारों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।
 

वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित साकेत नगर पार्क में आयोजित एक माह लंबे स्वदेशी शिल्प मेले ने शहरवासियों के बीच खास आकर्षण पैदा कर दिया है। सावन माह तक चलने वाले इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प कलाकारों, व्यापारियों और उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। खरीदारी, स्वादिष्ट व्यंजनों और मनोरंजन के विविध साधनों से सजा यह मेला परिवारों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।

मेले के आयोजक जवाहर जायसवाल ने बताया कि दुर्गाकुंड क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्वदेशी शिल्प मेले का आयोजन किया गया है। मेले में लगभग 40 से 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर फैशन और सजावट के सामान तक एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रहे हैं। यहां वस्तुओं की कीमत ₹10 से शुरू होकर ₹2500 तक है, जिससे हर वर्ग के लोगों के लिए खरीदारी के पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

मेले में महिलाओं और युवाओं के लिए आकर्षक परिधानों की विशेष श्रृंखला उपलब्ध है। लेडीज टॉप, कुर्ती, लेगिंग्स, प्लाजो, डिजाइनर पर्स, फैशनेबल चश्मे, बैग और मुंबई की आकर्षक ज्वेलरी लोगों को खास तौर पर पसंद आ रही है। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री और घरेलू उपयोग की अनेक वस्तुएं भी उचित कीमतों पर उपलब्ध हैं।

खरीदारों के बीच पुराने समय की यादें ताजा करने वाली खट्टी-मीठी टॉफियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। कई स्टॉलों पर पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का अनूठा मिश्रण देखने को मिल रहा है, जिससे मेले में आने वाले लोगों को विविधता का अनुभव हो रहा है। खान-पान के शौकीनों के लिए भी मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड, चाट, स्नैक्स और अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां परिवार और मित्रों के साथ लोग खाने-पीने का आनंद ले रहे हैं।

मेले का सबसे बड़ा आकर्षण पहली बार प्रस्तुत किया जा रहा जलपरी (मरमेड) शो है। यह अनोखा प्रदर्शन प्रतिदिन शाम 4 बजे से आयोजित किया जाता है और इसे देखने के लिए बच्चों के साथ-साथ युवा भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। जलपरी शो ने मेले को एक अलग पहचान दिलाई है और यही वजह है कि शाम होते ही दर्शकों की भीड़ यहां उमड़ पड़ती है।

आयोजकों के अनुसार मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। उन्होंने शहरवासियों से परिवार सहित मेले में पहुंचकर खरीदारी, मनोरंजन और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने की अपील की है। रंग-बिरंगी रोशनी, सांस्कृतिक माहौल और उत्साह से भरा यह स्वदेशी शिल्प मेला सावन के दौरान वाराणसी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गया है।