सुबह-ए-बनारस में सजेगी शास्त्रीय संगीत की महफिल, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देंगे मनमोहक प्रस्तुति

विश्वविख्यात सांस्कृतिक आयोजन "सुबह-ए-बनारस" के तहत मंगलवार को अस्सी घाट पर संस्कृत, भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। प्रातः 5:15 बजे से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के छात्र-छात्राएं शास्त्रीय गायन की आकर्षक प्रस्तुति देंगे।
 

वाराणसी। विश्वविख्यात सांस्कृतिक आयोजन "सुबह-ए-बनारस" के तहत मंगलवार को अस्सी घाट पर संस्कृत, भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। प्रातः 5:15 बजे से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के छात्र-छात्राएं शास्त्रीय गायन की आकर्षक प्रस्तुति देंगे।

गंगा तट पर आयोजित होने वाले इस सांगीतिक आयोजन का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में संस्थान लगातार भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह प्रस्तुति भी उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम का निर्देशन संगीत विभाग की सहायक आचार्य डॉ. श्रुति उपाध्याय ने किया है। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थी मानस तिवारी, अश्विनी शुक्ला, मुलायम सिंह यादव, गौरांश उपाध्याय सहित अन्य छात्र-छात्राएं शास्त्रीय संगीत की विविध प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने काशी के संगीत प्रेमियों, संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति के अनुरागियों तथा नगरवासियों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। साथ ही विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आशीर्वाद और प्रोत्साहन देने का आग्रह किया गया है। संगीत विभाग की सहायक आचार्य डॉ. श्रुति उपाध्याय ने बताया कि यह आयोजन केवल सांगीतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास भी है।