वाराणसी को जलभराव से राहत की दिशा में बड़ा कदम, ₹45.30 करोड़ की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजना पर बरेका-नगर निगम में समझौता
वाराणसी। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) और वाराणसी नगर निगम (वीएनएन) के बीच ₹45.30 करोड़ की समेकित वर्षा जल निकासी (स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से बरेका परिसर के साथ-साथ आसपास के नगर निगम क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से व्यापक राहत मिलने की उम्मीद है।
एमओयू पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। बरेका की ओर से उप मुख्य इंजीनियर साकेत तथा नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया। परियोजना के तहत पाहाड़ी गेट से चितईपुर रोड तक लगभग 14.20 किलोमीटर लंबी समेकित वर्षा जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी। इसकी कुल लागत ₹45.30 करोड़ निर्धारित की गई है, जिसमें ₹24 करोड़ का योगदान बरेका और ₹21.30 करोड़ का योगदान वाराणसी नगर निगम करेगा।
योजना के अनुसार, बरेका अपने परिसर में आधुनिक इंटरसेप्टर ड्रेनों का निर्माण कराएगा, जबकि नगर निगम अपने अधिकार क्षेत्र में आवश्यक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करेगा। दोनों संस्थाओं के समन्वित प्रयास से वर्षा जल की निकासी के लिए एक प्रभावी और दीर्घकालिक व्यवस्था तैयार की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद बरेका की पश्चिम कॉलोनी स्थित रेलवे आवासों को वर्षा जल से होने वाले नुकसान से सुरक्षा मिलेगी। इससे भवनों की मजबूती और उनकी आयु भी बढ़ेगी। वहीं, बरेका से सटे नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को मानसून के दौरान जलभराव, जलजमाव और आवागमन की समस्याओं से स्थायी राहत मिलने की संभावना है।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक सागर सहित बरेका और नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।