काशी विद्यापीठ में 60 प्रतिशत नए विद्यार्थियों को मिलेगा छात्रावास, 300 छात्रों को होंगे कमरे आवंटित
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में इस शैक्षणिक सत्र में छात्रावास आवंटन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष आवेदन करने वाले लगभग 60 प्रतिशत नए विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विश्वविद्यालय में कुल 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास हैं, जिनमें से 200 छात्र पहले से ही निवासरत हैं, जबकि शेष 300 छात्रों को नए सिरे से कमरे आवंटित किए जाएंगे।
इस वर्ष छात्रावास के लिए 500 से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इनमें से 200 छात्र ऐसे हैं जो पहले से छात्रावास में रह रहे हैं और उनकी पढ़ाई अभी जारी है। शेष आवेदनों में से विश्वविद्यालय स्तर पर निर्धारित नियमावली के अनुसार पात्र छात्रों का चयन कर 300 कमरों का आवंटन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और सभी विभागों के छात्रों को समान अवसर दिया जाएगा। प्राथमिकता नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को दी जाएगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले छात्रों को रहने की सुविधा मिल सके। छात्रावासों में दो-दो विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है।
विश्वविद्यालय के मुख्य गृहपति के अनुसार पहले वर्ष के छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत द्वितीय, तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर के छात्रों के लिए 200 कमरे सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि शेष 100 कमरे नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इससे नए छात्रों को पढ़ाई के शुरुआती दौर में बेहतर माहौल मिल सकेगा।
आंकड़ों के अनुसार छात्रावासों में इस वर्ष 150 से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है, जिनमें बड़ी संख्या में नए विद्यार्थी शामिल हैं। छात्रावासों की सीमित क्षमता के कारण सभी आवेदकों को सुविधा देना संभव नहीं है, लेकिन प्रशासन ने अधिकतम छात्रों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।