बीएचयू में 21 दिवसीय योग कार्यशाला का शुभारंभ, विद्यार्थियों को मिलेगा योग-प्राणायाम का प्रशिक्षण

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विद्यार्थियों को स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को 21 दिवसीय योग कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। नगर छात्र निकाय की ओर से आयोजित यह कार्यशाला 10 से 31 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन शाम 4 से 5 बजे तक चलेगी। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और योग की उपयोगी विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
 

तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली पर जोर, 31 अगस्त तक चलेगी कार्यशाला

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विद्यार्थियों को स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को 21 दिवसीय योग कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। नगर छात्र निकाय की ओर से आयोजित यह कार्यशाला 10 से 31 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन शाम 4 से 5 बजे तक चलेगी। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और योग की उपयोगी विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में वैदिक दर्शन विभाग, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रो. राजाराम शुक्ल मुख्य अतिथि और छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान डॉ. सुनील चौधरी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

योग को बताया समग्र जीवन पद्धति
मुख्य अतिथि प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने वाली समग्र जीवन पद्धति है। उन्होंने बीएचयू की योग परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में देश का सबसे पुराना योग केंद्र स्थित है।

उन्होंने कहा कि योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक और आंतरिक संतुलन को भी बेहतर कर सकता है। योग और प्रकृति के संबंध पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कई योगासनों की प्रेरणा प्रकृति से जुड़ी हुई है। नियमित अभ्यास व्यक्ति को प्रकृति के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में मदद करता है।

विद्यार्थियों की एकाग्रता पर जोर
विशिष्ट अतिथि प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की दिनचर्या व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक है। ऐसे में तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से बचने के लिए योग उपयोगी माध्यम हो सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलती है। उन्होंने नगर छात्र निकाय की पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं योग से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

विशेषज्ञ कराएंगे योगाभ्यास
कार्यशाला के दौरान योगाचार्य अंजना त्रिपाठी, पूजा मौर्या, गौरव मिश्रा और केशर के निर्देशन में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया जाएगा। प्रतिभागियों को योग के जरिए शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत और एकाग्र करने की तकनीकें भी सिखाई जाएंगी। कार्यशाला का आयोजन प्रो. ललित मोहन अग्रवाल, मुख्य संरक्षक, नगर छात्र निकाय के संरक्षण और डॉ. अपाला साहा, वार्डन, नगर छात्र निकाय (म.म.वि.) इकाई के समन्वयन में किया जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।