वाराणसी में राहुल गांधी के खिलाफ युवा परिषद का 'न्याय मार्च', चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता
- सुभाष मंदिर से मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक निकाला मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगने का किया विरोध
- युवा परिषद ने कांग्रेस और विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठनों पर लगाए गंभीर आरोप, विदेशी फंडिंग की जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
वाराणसी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच शनिवार को वाराणसी में युवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में युवा परिषद के पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले संगठनों पर निशाना साधा। कार्यकर्ताओं ने सुभाष मंदिर से मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक 'न्याय मार्च' निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विदेशी फंडिंग की जांच कराने और कथित तौर पर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ लगाए नारे
युवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ वक्ताओं ने विरोधी संगठनों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
खुशी रमन और प्रज्ञा परमिता ने विदेशी फंडिंग पर उठाए सवाल
युवा परिषद के मार्च का नेतृत्व कर रहीं खुशी रमन भारतवंशी और प्रज्ञा परमिता महारी ने विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठन के नेता अभिजीत दीपके पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि संगठन के कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए धन कहां से आ रहा है। दोनों ने विदेशी फंडिंग की जांच कराने की मांग की। उन्होंने संगठन पर देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े होने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस्तीफा दें : जीनत रहमान
युवा परिषद, बीएचयू की चेयरपर्सन जीनत रहमान ने कहा कि यदि राहुल गांधी को लगता है कि चुनाव में वोट चोरी हुई है, तो उन्हें और प्रियंका गांधी को पहले अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से भी इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष को चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों और सरकारों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जीनत रहमान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मतदाता सूची से कथित फर्जी नाम हटाए जाने को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। हालांकि, फर्जी मतदान और मतदाता सूची संबंधी उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप
युवा परिषद के नेता डॉ. एपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चला रहा है।
डॉ. सिंह ने पूर्व में बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया, हालांकि इसके समर्थन में कोई प्रमाण साझा नहीं किया गया।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
युवा परिषद के जिला प्रमुख सत्यम राय ने कहा कि उनका संगठन विरोधी संगठनों के खिलाफ आंदोलन और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में युवा परिषद आगे भी अपनी आवाज उठाएगी।
वहीं, युवा परिषद के नेता मयंक श्रीवास्तव ने युवाओं से संगठन के आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश में कथित अराजकता फैलाने वाली गतिविधियों का विरोध किया जाएगा।
संगठन की महिला पदाधिकारियों ने भी रखी बात
युवा परिषद की संगठन मंत्री दक्षिता भारतवंशी ने कहा कि उनका संगठन राष्ट्रहित और संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन में अपना अभियान जारी रखेगा। उन्होंने विरोधी संगठनों की गतिविधियों की आलोचना की।
युवा परिषद की महासचिव सृष्टि त्यागी ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन देश की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था के खिलाफ गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा परिषद ऐसे प्रयासों का विरोध करती रहेगी।
युवा परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध और चुनाव आयोग के समर्थन में उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।