राजघाट पर युवक ने गंगा में लगा दी छलांग, बाढ़ राहत दल ने बचाई जान

राजघाट पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पारिवारिक कलह से परेशान एक युवक ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। युवक देखते ही देखते गहरे पानी की ओर जाने लगा। घाट पर ड्यूटी कर रहे बाढ़ राहत दल के जवानों की नजर उस पर पड़ते ही उन्होंने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिसकर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई।
 

वाराणसी। राजघाट पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पारिवारिक कलह से परेशान एक युवक ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। युवक देखते ही देखते गहरे पानी की ओर जाने लगा। घाट पर ड्यूटी कर रहे बाढ़ राहत दल के जवानों की नजर उस पर पड़ते ही उन्होंने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिसकर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई।

निखिल सिंह किसी पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के कारण परेशान चल रहा था। इसी बीच वह राजघाट पहुंचा और अचानक गंगा नदी में छलांग लगा दी। पानी में गिरने के बाद वह धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर जाने लगा। मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घाट की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए तैनात 36वीं वाहिनी रामनगर पीएसी, बी दल (बाढ़ राहत दल) के मुख्य आरक्षी अनिल सिंह, आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी आशीष राम की नजर जैसे ही गंगा में डूबते युवक पर पड़ी, तीनों जवान तत्काल हरकत में आ गए। जवानों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगाई और युवक को पानी के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

युवक को बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसकी स्थिति संभाली और तत्काल उसके परिजनों से संपर्क किया। पुलिस ने निखिल की पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी और उसे मौके पर बुलाया। हालांकि, मानसिक तनाव में होने के कारण युवक अपनी पत्नी के साथ जाने को तैयार नहीं था और लगातार जिद पर अड़ा हुआ था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल थाना आदमपुर के प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसएचओ आदमपुर मौके पर पहुंचे और युवक से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने युवक को समझाया-बुझाया और उसे भरोसा दिलाते हुए शांत कराने का प्रयास किया।