योगिनी एकादशी पर श्रद्धा के साथ मनाई गई देवरहा बाबा की पुण्यतिथि, 10 राज्यों से पहुंचे संत-महंत और श्रद्धालु
वाराणसी। आषाढ़ मास की पावन योगिनी एकादशी पर ब्रह्मलीन योगिराज देवरहा बाबा की पुण्यतिथि अस्सी स्थित देवरहा बाबा आश्रम (द्वारकाधीश मंदिर) में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर देश के लगभग 10 राज्यों से आए साधु-संतों, महंतों और हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का आश्रम में पहुंचना शुरू हो गया। द्वारकाधीश मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रह्मवेता हंस बाबा के आचार्यत्व में अधिकारी रामदास महाराज तथा कोठारी राम अभिलाष दास महाराज ने योगिराज देवरहा बाबा की आदमकद प्रतिमा का गंगाजल से विधिवत अभिषेक कराया। इसके बाद बाबा को नवीन वस्त्र धारण कराए गए और मौसमी पुष्पों, फलों तथा सुगंधित मालाओं से भव्य श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रों के बीच पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
समारोह के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बाबा की चरण पादुका, करधनी और लंगोट का पूजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं ने इन पूजनीय धरोहरों के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की। पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ का भी विधिवत समापन हुआ। पूर्णाहुति के अवसर पर यज्ञ और हवन के माध्यम से विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि तथा मानव कल्याण की प्रार्थना की गई।
ब्रह्मवेता हंस बाबा ने अपने संबोधन में कहा कि योगिराज देवरहा बाबा का संपूर्ण जीवन लोककल्याण, सेवा और सनातन धर्म के संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज को सदैव ईश्वर भक्ति, सेवा और मानवता का संदेश दिया। उनका व्यक्तित्व आज भी संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
वर्तमान में अनेक संतों के व्रत होने के कारण उनके लिए विशेष फलाहारी भंडारे की व्यवस्था की गई। सैकड़ों संत-महात्माओं ने प्रसाद ग्रहण किया तथा परंपरा के अनुसार उन्हें वस्त्र, दान-दक्षिणा और सम्मान भी प्रदान किया गया। आयोजकों के अनुसार पुण्यतिथि समारोह का क्रम रविवार को भी जारी रहेगा, जिसमें विशेष पूजन, संत समागम और भंडारे का आयोजन होगा।
इस अवसर पर स्वामी राम अखंड दास, श्रवण दास, राम बालक दास, राम तपस्या दास, घनश्याम दास, केशव दास, मारकंडेय सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए अनेक संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।