वाराणसी में सपा पर गरजे योगी, कहा अखिलेश राज में थर्ड डिवीजन वाले को बना दिया था UPPSC का टॉपर
- शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सपा सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- उस दौर में अराजकता, गुंडागर्दी और माफिया का था बोलबाला
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक अभ्यर्थी के शैक्षणिक रिकॉर्ड और चयन का उदाहरण भी दिया।
थर्ड डिवीजन वाले को टॉपर बनाने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में अनिल यादव को एक भर्ती आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि वह इस पद के योग्य नहीं थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की एक परीक्षा में ऐसे व्यक्ति को टॉपर बना दिया गया, जिसने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और बीए तीनों परीक्षाएं थर्ड डिवीजन से पास की थीं।
मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए पूर्ववर्ती सरकार की भर्ती व्यवस्था और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था।
उन्होंने उस दौर की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता, गुंडागर्दी, दंगे और उपद्रव जैसी घटनाएं हावी थीं।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि उस समय माफिया का प्रभाव बढ़ गया था और आम लोगों के साथ युवाओं को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता था।
शिक्षक सम्मेलन से सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
वाराणसी में आयोजित शिक्षक सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्ती और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री के बयान में सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
संपादकीय नोट: UPPSC के कथित टॉपर की शैक्षणिक योग्यता और चयन संबंधी आरोप मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं। संबंधित परीक्षा, अभ्यर्थी और आधिकारिक चयन रिकॉर्ड का स्वतंत्र सत्यापन इस समाचार के लिए नहीं किया गया है।
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