योगी सरकार की मिशन छाया देगी हीट वेव से राहत, होगा प्राकृतिक समाधान
चिलचिलाती धूप,भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने लोग को घर में कैद कर दिया है
पिछले कुछ वर्षों में गर्मियों के दौरान हीट वेव के कारण शहरों के औसत तापमान में हो रही वृद्धि
वृक्षारोपण अभियान-2026 के अंतर्गत योगी सरकार द्वारा विभिन्न “विशिष्ट वन” की करेगी स्थापना
सड़कों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, विद्यालयों, सरकारी परिसरों, अन्य उपयुक्त स्थानों पर छाया प्रदान करेंगे वृक्ष
आम नागरिकों को भी अपने घरों,आदि उपलब्ध खाली स्थानों पर छायादार पौधे लगाने के लिए किया जाएगा प्रेरित
पीपल, बरगद,पाकड़, गुलर, आम,नीम, सिरस, कदम्ब और कांजी जैसी प्रजातियों के पौधों को दी जाएगी प्राथमिकता
वाराणसी। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से आम जनजीवन बुरी तरह बेहाल है ,चिलचिलाती धूप ने लोग को घर में कैद कर दिया है। ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से बचने और पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार ने विशिष्ट वन का प्लान बनाया है। बढ़ते तापमान और हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण अभियान-2026 के अंतर्गत योगी सरकार ने “विशिष्ट वन” की स्थापना के अंतर्गत "मिशन छाया" प्रस्तावित किया है। इस पहल का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, हरित और शीतल वातावरण तैयार करना है। वाराणसी में वर्ष 2026-27 के लिए वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत वन विभाग एवं अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए जनपद का कुल वृक्षारोपण लक्ष्य 15,33,240 पौधे निर्धारित किया है। जिसकी शुरुआत हो गई है। विशिष्ट वनों की श्रृंखला जुलाई में शुरू होना प्रस्तावित है।
पिछले कुछ वर्षों में गर्मियों के दौरान हीट वेव के कारण शहरों के औसत तापमान में वृद्धि हो रही है .इसका असर विशेष रूप से शहरों में अधिक महसूस किया जा रहा है, जहां कंक्रीट के बढ़ते जंगल और हरित क्षेत्र में कमी के कारण तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जाता है। ऐसे में वन विभाग ने छायादार वृक्षों के बड़े पैमाने पर रोपण की योजना बनाई है।
प्रभागीय वन अधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि मिशन छाया के तहत सड़कों के किनारे, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, विद्यालयों, सरकारी परिसरों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर छाया प्रदान करने वाले वृक्ष लगाए जाएंगे। इसके साथ ही आम नागरिकों को भी अपने घरों,आदि उपलब्ध खाली स्थानों पर छायादार पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रभागीय वन अधिकारी ने जानकारी दिया कि वन विभाग द्वारा पीपल, बरगद, पाकड़, गुलर, आम, नीम, सिरस, कदम्ब और कंजी जैसी प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। ये वृक्ष न केवल घनी छाया प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वायु शुद्धिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।
बड़े और छायादार वृक्ष शहरी क्षेत्रों में तापमान को नियंत्रित करने में प्रभावी साबित होते हैं। वृक्षों की हरियाली वातावरण में नमी बनाए रखने, धूल और प्रदूषण को कम करने तथा लोगों को प्राकृतिक ठंडक प्रदान करने का कार्य करती है। यही कारण है कि मिशन छाया को जलवायु परिवर्तन और हीट वेव के प्रभावों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।