ब्रिक्स देशों के अतिथियों के ग्रैंड वेलकम की तैयारी कर रही योगी सरकार

योगी सरकार ने ब्रिक्स देशों के अतिथियों के ग्रैंड वेलकम की तैयारी की है। काशी की पावन धरती पर उतरते ही ब्रिक्स देशों के मेहमानों को उत्तर प्रदेश की लोककलाओं की झलक देखने को मिली। एयरपोर्ट से निकलते ही रास्ते में कई जगहों पर अतिथियों के भव्य स्वागत की तैयारी की गई। मेहमानों की काशी यात्रा को यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। 4-5 जून को वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्यसमूह की बैठक प्रस्तावित है। 
 

काशी में उतरते  ही  ब्रिक्स देशों के मेहमान को दिखेगी उत्तर प्रदेश की लोक कलाओं की झलक

मेहमानों की काशी यात्रा को यादगार बनाने के लिए रास्ते में सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगा स्वागत 

वाराणसी में 4-5 जून को ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की होगी दूसरी बैठक

वाराणसी।  योगी सरकार ने ब्रिक्स देशों के अतिथियों के ग्रैंड वेलकम की तैयारी की है। काशी की पावन धरती पर उतरते ही ब्रिक्स देशों के मेहमानों को उत्तर प्रदेश की लोककलाओं की झलक देखने को मिली। एयरपोर्ट से निकलते ही रास्ते में कई जगहों पर अतिथियों के भव्य स्वागत की तैयारी की गई। मेहमानों की काशी यात्रा को यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। 4-5 जून को वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्यसमूह की बैठक प्रस्तावित है। 

मेहमानवाजी के लिए भारत पूरी दुनिया में जानी जाती है। बात विश्व के सबसे प्राचीन व जीवंत नगरी काशी की हो तो यहां मेहमानों के स्वागत की परंपरा अनोखी है। प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक अधिकारी डॉ.  रामनरेश पाल ने  बताया कि 3 जून आज (बुधवार) को एयरपोर्ट पर मेहमानों का स्वागत फरुवाही लोकनृत्य से किया जाएगा। रास्तों में भी मेहमानों के स्वागत की तैयारी है। मुनारी मोड पर बधावा लोकनृत्य, संत अतुलानन्द तिराहा पर धोबिया लोकनृत्य और अम्बेडकर चौराहे पर ढेढ़िया लोकनृत्य से स्वागत किया जाएगा।

जिला सांस्कृतिक अधिकारी ने बताया कि 3 जून को सुबह 10 बजे से शाम तक आने वाले सभी अतिथियों का स्वागत परंपरागत तरीके से सांस्कृतिक कार्यक्रम से किया जाएगा। ब्रिक्स समूह में 11 देश (ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत,इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) आदि शामिल है।