हरितालिका तीज पर शिव-शक्ति की आराधना, सहस्र चंडी महायज्ञ में गूंजे वैदिक मंत्र

हरितालिका तीज के पावन पर्व पर पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में रविवार को शिव-शक्ति की विशेष आराधना की गई। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में सहस्र चंडी महायज्ञ के अंतर्गत विशेष पूजन-अर्चन, वैदिक पाठ और हवन का आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और चतुर्वेद स्वस्ति उद्घोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
 

आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में विधि-विधान से हुआ पूजन, 36 विद्वान पंडितों ने कराया हवन, लोककल्याण और अखंड सौभाग्य की कामना

वाराणसी। हरितालिका तीज के पावन पर्व पर पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में रविवार को शिव-शक्ति की विशेष आराधना की गई। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में सहस्र चंडी महायज्ञ के अंतर्गत विशेष पूजन-अर्चन, वैदिक पाठ और हवन का आयोजन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और चतुर्वेद स्वस्ति उद्घोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ गौरी-गणेश पूजन के साथ हुआ। इसके बाद मंडप, स्तंभ और विभिन्न वेदियों का विधि-विधान से पूजन किया गया। विद्वान आचार्यों और वेदपाठी ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रों एवं धार्मिक पाठ का उच्चारण किया। पाठ के समापन के बाद हवन में लोककल्याण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और श्रद्धालुओं के मंगल की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की गईं। शाम को भगवान शिव और माता शक्ति की आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।

शिव-शक्ति एक-दूसरे के पूरक
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि शिव और शक्ति एक-दूसरे के पूरक हैं। हरितालिका तीज शिव के साथ शक्ति की आराधना का पर्व है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी कारण यह पर्व श्रद्धा, तप, निष्ठा और अखंड सौभाग्य की कामना का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि हरितालिका तीज पर शिव-शक्ति मंडप पूजन, स्तंभ पूजन, वेदी पूजन, वैदिक पाठ और हवन का विशेष महत्व है। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से लोककल्याण और समाज में सुख-शांति की कामना की जाती है।

36 विद्वानों ने कराया अनुष्ठान
अनुष्ठान का संचालन यज्ञाचार्य तेजमणि त्रिपाठी के आचार्यत्व में हुआ। उनके निर्देशन में 36 विद्वान पंडितों और वेदपाठी ब्राह्मणों ने वैदिक विधि-विधान से पूजन, पाठ और हवन संपन्न कराया। पूरे आयोजन में शास्त्रीय परंपराओं और वैदिक विधान का विशेष पालन किया गया। हरितालिका तीज पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन-पूजन किए। श्रद्धालुओं ने अखंड सौभाग्य, सुख-शांति और परिवार के मंगल की कामना की। विशेष अनुष्ठान के चलते आदि शंकराचार्य महासंस्थानम का वातावरण पूरे दिन आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा।