सारनाथ में विश्व पशु दिवस पर गूंजा करुणा का संदेश, पर्यटकों को जीव-जंतुओं के संरक्षण के प्रति किया जागरूक

विश्व पशु दिवस के अवसर पर रविवार को सारनाथ स्थित डियर पार्क में 137 सीईटीएफ, 39 जीआर गंगा टास्क फोर्स की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सारनाथ घूमने पहुंचे पर्यटकों को वन्यजीवों, जलीय जीवों और पशु-पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। जवानों ने लोगों से जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता का भाव रखने की अपील की।
 

वाराणसी। विश्व पशु दिवस के अवसर पर रविवार को सारनाथ स्थित डियर पार्क में 137 सीईटीएफ, 39 जीआर गंगा टास्क फोर्स की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सारनाथ घूमने पहुंचे पर्यटकों को वन्यजीवों, जलीय जीवों और पशु-पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। जवानों ने लोगों से जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता का भाव रखने की अपील की।

गंगा टास्क फोर्स के सूबेदार धनेश यादव और जगदीश चंद ने पर्यटकों के विभिन्न समूहों से संवाद कर उन्हें पशु-पक्षियों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक जीव प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छोटे से छोटे जीव से लेकर बड़े वन्यजीव तक सभी पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं। किसी एक प्रजाति की संख्या में कमी आने या उसके समाप्त होने का असर पूरे प्राकृतिक तंत्र पर पड़ सकता है।

हर जीव को जीने का अधिकार
जवानों ने पर्यटकों को बताया कि पशु-पक्षियों को भी स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का उतना ही अधिकार है, जितना मनुष्य को। उन्होंने लोगों से अपने आसपास रहने वाले पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने और उनके साथ किसी प्रकार की क्रूरता नहीं करने की अपील की। अभियान के दौरान बदलते मौसम में पशु-पक्षियों की जरूरतों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। पर्यटकों से अपील की गई कि गर्मी, बारिश और सर्दी के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद पशु-पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करें। जवानों ने कहा कि जीवों के प्रति छोटी-सी संवेदनशील पहल भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

स्वच्छता का भी दिया संदेश
गंगा टास्क फोर्स के जवानों ने सारनाथ जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व वाले स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की। पर्यटकों से कहा गया कि प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में न फेंकें। खुले में पड़ा कचरा पशु-पक्षियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना जरूरी है। सूबेदार धनेश यादव और जगदीश चंद ने कहा कि वन्य एवं जलीय जीवों का संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। पर्यावरण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित कर सकता है।

अभियान के दौरान पर्यटकों ने भी पशु संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग का भरोसा दिलाया। गंगा टास्क फोर्स के जवानों ने लोगों से जीव-जंतुओं को परेशान न करने, उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने और स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया। अभियान का उद्देश्य पर्यटकों के बीच पशु संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करना रहा।