सावन की शुरुआत के साथ मोहनसराय में जाम का झाम, वन-वे व्यवस्था से पांच किलोमीटर तक थमी रफ्तार
वाराणसी। सावन माह शुरू होते ही काशी आने वाले कांवड़ियों और शिवभक्तों की संख्या बढ़ने लगी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर मोहनसराय क्षेत्र में वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि इस व्यवस्था के लागू होते ही क्षेत्र में वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला और करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। एक ही मार्ग से दोनों दिशाओं का यातायात संचालित होने के कारण वाहन घंटों रेंगते रहे, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने सड़क के दो लेनों में से एक को बैरियर लगाकर बंद कर दिया है और दूसरे मार्ग से ही वाहनों का आवागमन कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन सीमित स्थान पर अधिक वाहनों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। सुबह से ही मोहनसराय और आसपास के इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार, बस, ट्रक और दोपहिया वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दिए।
जाम का सबसे अधिक असर स्थानीय लोगों और रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले वाहन चालकों पर पड़ा। संकरी सड़क और लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण बाइक और स्कूटी सवारों को भी निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन भी चार पहिया वाहनों के बीच फंस गए, जिससे यातायात और धीमा हो गया।
वहीं, स्कूल खुलने के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने और लौटने वाले बच्चों को जाम के चलते काफी देर तक रास्ते में रुकना पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी यही स्थिति बनी रही तो बच्चों के स्कूल आने-जाने का समय प्रभावित होगा। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने भी प्रशासन से बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की मांग की है।
जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस लगातार मौके पर तैनात रही। पुलिसकर्मियों ने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन सड़क की क्षमता से अधिक वाहनों के पहुंचने के कारण जाम पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन के दौरान हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है और वन-वे व्यवस्था लागू रहने तक लोगों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। उनका मानना है कि पूरे सावन माह तक इस मार्ग पर यातायात का दबाव बना रह सकता है।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सावन के सोमवार होंगे, जब कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में यदि अतिरिक्त यातायात व्यवस्था, वैकल्पिक मार्ग और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई तो जाम की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू कर स्थानीय नागरिकों, स्कूली वाहनों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए यातायात को सुचारु बनाया जाए।