मौसम ने दी राहत, मई में वाराणसी में घटी बिजली की खपत, सुधरी आपूर्ति 

अप्रैल महीने की भीषण गर्मी के बाद मई के शुरुआती दिनों में मौसम में आए बदलाव ने लोगों को राहत पहुंचाई है। तापमान में गिरावट, बीच-बीच में हुई बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण जिले में बिजली की खपत कम हुई है। इसका असर बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला है, जहां पिछले कुछ दिनों की तुलना में आपूर्ति व्यवस्था अधिक बेहतर और सुचारु बनी हुई है।
 

वाराणसी। अप्रैल महीने की भीषण गर्मी के बाद मई के शुरुआती दिनों में मौसम में आए बदलाव ने लोगों को राहत पहुंचाई है। तापमान में गिरावट, बीच-बीच में हुई बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण जिले में बिजली की खपत कम हुई है। इसका असर बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला है, जहां पिछले कुछ दिनों की तुलना में आपूर्ति व्यवस्था अधिक बेहतर और सुचारु बनी हुई है।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल महीने में तेज गर्मी और लू के चलते बिजली की मांग अचानक बढ़ गई थी। घरों, दुकानों और कार्यालयों में एसी, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा था। स्थिति यह हो गई थी कि जिले की बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में करीब 140 मेगावाट अधिक पहुंच गई थी। लगातार बढ़ते लोड के कारण ट्रिपिंग, फाल्ट और ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं सामने आने लगी थीं।

गर्मी शुरू होने से पहले बिजली विभाग ने मार्च महीने में विशेष अभियान चलाकर कई क्षेत्रों में जर्जर तारों को बदलने और ढीले तारों की मरम्मत का कार्य कराया था। इसके बावजूद अप्रैल के दूसरे सप्ताह से लेकर अंतिम सप्ताह तक जिले में 10 से अधिक ट्रांसफॉर्मर जल गए थे। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और बाधित आपूर्ति की समस्या से जूझना पड़ा था।

मई महीने के पहले नौ दिनों में मौसम ने करवट ली और इसका सीधा असर बिजली खपत पर पड़ा। दो बार हुई बारिश और हवा में बढ़ी नमी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते एसी और कूलर का उपयोग कम हुआ, जिससे बिजली की मांग में कमी आई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार मई के शुरुआती दिनों में पिछले वर्ष की तुलना में बिजली का लोड कम दर्ज किया गया है।

हालांकि, रविवार को तेज धूप निकलने के बाद गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में बिजली विभाग ने भी संभावित बढ़ती मांग को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है। बिजली विभाग के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कम उपयोग के कारण बिजली का लोड घटा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि गर्मी के मौसम में जरूरत के अनुसार ही बिजली उपकरणों का इस्तेमाल करें, ताकि सभी क्षेत्रों में निर्बाध और संतुलित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।