'हमें विश्वास है कि ये बादल छटेंगे, अंधेरा हटेगा, सत्य-सूर्य का प्रकाश होगा तथा श्रीरामभक्ति की प्रबल धारा अखंड बहती रहेगी'
अयोध्या। पिछले कुछ दिनों से श्रीराम मंदिर को लेकर उठे विवादों और चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) ने एक भावनात्मक और भरोसा दिलाने वाली प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। न्यास ने रामभक्तों से संयम बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और सत्य पर विश्वास रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को दोबारा उत्पन्न नहीं होने दिया जाएगा। न्यास ने भरोसा दिलाया है कि जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
न्यास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर की गरिमा, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ न्यास ने कहा कि वह स्वयं इन घटनाओं से स्तब्ध, आहत और दुखी है तथा रामभक्तों के प्रतिनिधि के रूप में हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि न्यास के महामंत्री श्री चंपतराय और न्यासी श्री अनिल मिश्र का त्यागपत्र प्राप्त हो गया है। इन त्यागपत्रों पर न्यास अपनी आगामी बैठक में विचार करेगा। इससे यह संकेत मिलता है कि न्यास पूरे प्रकरण पर गंभीरता और संस्थागत प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है।
न्यास ने उन लाखों श्रद्धालुओं की चिंता भी दूर करने का प्रयास किया है, जिन्होंने वर्षों से प्रभु श्रीराम की सेवा में चांदी की ईंटें, आभूषण अथवा अन्य मूल्यवान वस्तुएं समर्पित की हैं। विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि ऐसी सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब न्यास के पास उपलब्ध है। इस आश्वासन का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करना है, जिन्होंने अपनी श्रद्धा और समर्पण के साथ मंदिर निर्माण में योगदान दिया।
दानपात्रों से प्राप्त राशि के संबंध में भी न्यास ने स्थिति स्पष्ट की है। उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर न्यास ने एफआईआर दर्ज कराई है और मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है। न्यास ने यह भी दोहराया कि दोषियों को कानून के अनुसार उचित दंड दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञप्ति का सबसे महत्वपूर्ण संदेश समाज के लिए था। न्यास ने कहा कि असामाजिक, अधार्मिक और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने या भ्रम फैलाने के प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही सभी रामभक्तों से आग्रह किया गया कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा निराधार अफवाहों पर विश्वास न करें और दूसरों को भी ऐसे दुष्प्रचार से बचाएं।
पूरी प्रेस विज्ञप्ति का स्वर किसी विवाद को बढ़ाने का नहीं, बल्कि विश्वास को पुनः स्थापित करने का दिखाई देता है। न्यास ने संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियां अस्थायी होती हैं, लेकिन सत्य, आस्था और श्रीरामभक्ति की धारा शाश्वत है। इसी विश्वास के साथ अंत में न्यास ने रामभक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा—
"हमें विश्वास है कि ये बादल छटेंगे, अँधेरा हटेगा, सत्य-सूर्य का प्रकाश होगा तथा श्रीरामभक्ति की प्रबल धारा अखंड बहती रहेगी। जय श्रीराम।"